September 15, 2026

रूस में गहराया ईंधन संकट, भारत ने भेजी 10 लाख बैरल पेट्रोल की बड़ी खेप

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नई दिल्ली/मॉस्को: दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल निर्यातकों में शुमार रूस इन दिनों एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेन द्वारा किए गए लगातार ड्रोन हमलों ने रूस की घरेलू ईंधन सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कच्चे तेल के विशाल भंडार वाले इस देश को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए अब पेट्रोल का आयात करना पड़ रहा है। इस संकट के बीच, भारत रूस के लिए एक प्रमुख पेट्रोल सप्लायर के रूप में उभरकर सामने आया है।

यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रिफाइनरियों को भारी नुकसान

हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के कई तेल डिपो, ऑयल टर्मिनलों और रिफाइनरियों को निशाना बनाकर अचूक ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से रूस की घरेलू ईंधन उत्पादन क्षमता को बड़ा डेंट लगा है। व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त रिफाइनरियों की मरम्मत में लंबा समय लग रहा है क्योंकि कई जगहों पर विशेष उपकरणों की भारी कमी है। इसके अलावा, लगातार हो रहे हवाई हमलों के खतरे के बीच रिफाइनरियों की पूरी क्षमता से वापसी मुश्किल हो गई है। घरेलू मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बिगड़ने से रूस को आयात का सहारा लेना पड़ा है।

भारत ने दो महीने में भेजा 10 लाख बैरल पेट्रोल

ऊर्जा विश्लेषण फर्म वोर्टेक्सा (Vortexa) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में रूस का समुद्री रास्ते से गैसोलीन (पेट्रोल) आयात रिकॉर्ड 1.25 लाख बैरल प्रतिदिन के स्तर तक पहुंच गया। व्यापारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारतीय रिफाइनरियों ने जुलाई और अगस्त के दौरान रूस को करीब 10 लाख बैरल पेट्रोल की आपूर्ति की है। माना जा रहा है कि यह वही ईंधन है, जिसे भारत ने रूस से सस्ते दाम पर खरीदे गए कच्चे तेल को रिफाइन करके तैयार किया है।

गुजरात की वडीनार रिफाइनरी से हो रही है सप्लाई

रूस को हो रही यह सप्लाई मुख्य रूप से गुजरात स्थित वडीनार रिफाइनरी से की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस रिफाइनरी का संचालन ‘नायरा एनर्जी’ (Nayara Energy) द्वारा किया जाता है, जिसमें खुद रूस की दिग्गज तेल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) की बड़ी हिस्सेदारी है। रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होने के कारण रूसी कंपनी अपने भारतीय प्लांट से तैयार पेट्रोल वापस अपने देश मंगाकर घरेलू संकट को दूर करने की कोशिश कर रही है।