सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा इंडिया गठबंधन, CJP का पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस, इंडिया (INDIA) गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। विपक्षी गठबंधन के नेता आज सुप्रीम कोर्ट तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने जा रहे हैं, जहां वे भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंपेंगे।
इस मार्च में शामिल होने के लिए राजधानी के बाहर से भी विपक्षी सांसद और नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं। विपक्षी दलों के साथ-साथ छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को भी इस प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च: CJI को ज्ञापन और तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस मार्च की रूपरेखा साझा करते हुए लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए साथ आने की अपील की। उन्होंने बताया कि विपक्षी दल, छात्र और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करेंगे और देश की ओर से चीफ जस्टिस को ज्ञापन सौंपेंगे।
विपक्ष ने इस मार्च के जरिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
-
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा।
-
कथित ‘वोट चोरी’ पर तुरंत रोक।
-
एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
‘लाठियों से नहीं दबेगी आवाज’: राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला
मार्च की पूर्व संध्या पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे युवाओं पर पुलिस और सत्ताधारी दल से जुड़े तत्वों ने बल प्रयोग किया।
राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। ये हमें डरा नहीं सकते और इन्हें पीछे हटना ही होगा।” उन्होंने कहा कि देश के नागरिक जाति, समुदाय और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर संविधान की रक्षा के लिए इस मार्च में शामिल होंगे।
CJP का संसद मार्ग थाने कूच, जंतर-मंतर के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम
इधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की है। पार्टी नेता आशुतोष रांका ने बताया कि सुबह 10 बजे वे सौरव दास, रत्ना सिंह और अन्य नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे।
पार्टी का कहना है कि वे पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने के लिए तारीख तय करने की मांग करेंगे। आशुतोष रांका ने स्पष्ट चेतावनी दी कि दिल्ली पुलिस को 24 घंटे के भीतर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति देनी होगी। यदि निर्धारित समय में अनुमति नहीं मिली, तो पार्टी खुद ही अपने आगामी विरोध-प्रदर्शन की तारीख का ऐलान कर देगी।
6 अक्टूबर के धरने के बाद बढ़ा टकराव
चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच यह गतिरोध पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले 6 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आकाशवाणी भवन के बाहर जोरदार धरना दिया था। उस प्रदर्शन के बाद विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक बड़ा मार्च निकालने की घोषणा की थी, जिसके तहत आज विपक्ष सड़कों पर उतर रहा है।
