रामपुर जेल पहुंची ED, जौहर ट्रस्ट के डोनेशन और डमी ट्रस्टियों पर आजम खान से तीखे सवाल; उधर विजिलेंस ने दर्ज की एक और FIR
समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) केस की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम रामपुर जेल पहुंच चुकी है।
जेल में बंद आजम खान के साथ-साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से भी ईडी की टीम लंबी पूछताछ करने वाली है। इसके अलावा, आजम खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग ने एक नए मामले में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कर ली है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही है ED
ईडी की जांच मुख्य रूप से जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। जांच एजेंसी उन कंपनियों, बैंक खातों और ट्रस्ट के बीच हुए फंड ट्रांसफर का पूरा ब्यौरा जुटा रही है।
ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जौहर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का डोनेशन (चंदा) कहां से मिला और इसे किन माध्यमों का इस्तेमाल कर जौहर यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, आजम खान से कई अहम मुद्दों पर सवाल-जवाब किए जाएंगे:
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जौहर ट्रस्ट के लिए गए फैसलों में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका क्या थी?
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क्या जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी विभागों के बजट का दुरुपयोग किया गया?
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फर्जी दानदाताओं (Fake Donors) और डमी ट्रस्टियों (Dummy Trustees) को लेकर लगे आरोपों की सच्चाई क्या है?
सूत्रों का कहना है कि ईडी की यह पूछताछ बुधवार तक लंबी खिंच सकती है। गौरतलब है कि आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं और जौहर ट्रस्ट ही इस यूनिवर्सिटी का संचालन करता है।
गवाहों के बयानों से होगा क्रॉस-वेरिफिकेशन
जौहर ट्रस्ट मामले में ईडी ने अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें ठेकेदार सलीम, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कई अन्य फर्म संचालक और रामपुर से सपा विधायक नसीर अहमद खान शामिल हैं। जेल में आजम खान से इन सभी के बयानों को वेरीफाई (सत्यापित) कराया जाएगा।
आजम खान और अब्दुल्ला के करीबी माने जाने वाले ठेकेदार सलीम से ईडी पहले ही दो बार पूछताछ कर चुकी है और उसे तीसरी बार भी तलब किया गया है। इसके अलावा, आजम खान के एक अन्य करीबी अनवर को भी ईडी 14 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुला सकती है।
हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी, विजिलेंस का शिकंजा
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के बीच, आजम खान पर एक और केस दर्ज हो गया है। यूपी राज्य हज समिति की भूमि बेचने में हुए कथित घोटाले को लेकर विजिलेंस (सतर्कता विभाग) ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यूपी राज्य हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आजम खान के साथ-साथ दो पूर्व सचिवों समेत कुल पांच लोगों को इस मामले में नामजद किया गया है। विजिलेंस की जांच में यह बात सामने आई है कि हज समिति की जमीन बेचने में हुई इस गड़बड़ी से सरकारी खजाने को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान (राजस्व क्षति) हुआ है।
