DUSU चुनाव में NSUI का सूपड़ा साफ होने पर राहुल गांधी हुए सख्त, कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से पूछे तीखे सवाल
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की करारी हार का मामला अब सीधे कांग्रेस आलाकमान तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हार को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रभारी कन्हैया कुमार को अपने आवास (10 जनपथ) पर तलब किया। इस अहम बैठक के दौरान राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से हार के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
कन्हैया और जाखड़ से नाराजगी, दीपांशु शौकीन पर सवाल
सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी NSUI के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर विनोद जाखड़ और कन्हैया कुमार से स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए।
इस दौरान राहुल गांधी ने सबसे तीखे सवाल NSUI छोड़कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले दीपांशु शौकीन को लेकर किए। दीपांशु शौकीन ने इस बार उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से पूछा कि, “दीपांशु शौकीन को पार्टी में शामिल कर टिकट क्यों नहीं दिया गया?”
जवाब में कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ ने बताया कि शौकीन की शर्तें वाजिब नहीं थीं, जिस वजह से सहमति नहीं बन पाई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से इस पूरे मामले को संभाला गया, उसे लेकर राहुल गांधी ने खासी नाराजगी जाहिर की।
Gen-Z आंदोलन के बाद भी हार से कांग्रेस निराश
दिल्ली में हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के खिलाफ Gen Z छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद कांग्रेस को उम्मीद थी कि इस बार DUSU चुनाव में NSUI को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके बावजूद, NSUI एक भी सीट जीतने में नाकामयाब रही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के तीनों अहम पदों पर जीत का परचम लहराया। वहीं, एकमात्र उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया।
किसे कितने वोट मिले?
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अध्यक्ष पद: एबीवीपी के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए और एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया।
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उपाध्यक्ष पद: निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
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सचिव पद: एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट प्राप्त किए, जबकि एनएसयूआई की उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट ही मिल सके।
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संयुक्त सचिव पद: एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह 16,615 वोट पाकर विजयी रहे। उन्होंने समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव (15,778 वोट) को कड़े मुकाबले में हराया।
पिछले साल के DUSU चुनाव में भी एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते थे, जबकि एनएसयूआई उपाध्यक्ष पद जीतने में सफल रही थी। इस बार NSUI को एक भी सीट नसीब नहीं हुई है, जिसने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
