खरगे का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, CEC ज्ञानेश कुमार को बताया मोदी सरकार की ‘कठपुतली’
कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा जोर-शोर से उठा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की ‘कठपुतली’ करार दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत देश भर में मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं।
शीर्ष नेताओं और मुख्यमंत्रियों का जमावड़ा
इस उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी की पूरी शीर्ष लीडरशिप शामिल हुई। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रमुख सदस्य भूपेश बघेल, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक, अंबिका सोनी और कुमारी शैलजा बैठक में मौजूद रहे। चुनावी प्रक्रिया और SIR विवाद पर पार्टी की संयुक्त रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी इस बैठक में विशेष रूप से बुलाया गया था।
’12 साल में खोखली हुई लोकतंत्र की नींव’
बैठक को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की सत्ताधारी सरकार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि उनके पूर्वजों ने अपने भारी त्याग और बलिदान से देश में जिस मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी थी, मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में उसे ‘षड्यंत्रकारी तरीके से खोखला’ करने का काम किया है।
डॉ. आंबेडकर का हवाला और प्रशासनिक मनमानी पर प्रहार
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर खरगे ने संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा मताधिकार पर रखे गए विचारों का विशेष रूप से उल्लेख किया। खरगे के मुताबिक, किसी भी योग्य नागरिक को महज किसी अधिकारी की मनमर्जी या स्थानीय प्रशासन के पूर्वाग्रह (Bias) के आधार पर मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मतदाता पंजीकरण और नामों की कटौती की प्रक्रिया में हो रही कथित धांधली का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
