डोनाल्ड ट्रंप का विवादित बयान, बोले- ‘पलायन और इस्लाम के जरिए देश पर कब्जे की कोशिश’
फ्रांस में स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सड़कों पर उतरे ‘जेन-जी’ (Gen-Z) छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया है। करीब ढाई लाख छात्रों के सड़कों पर उतरने के बाद कई इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में भड़की इस हिंसा को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने आंदोलन को सीधे तौर पर अप्रवासन (माइग्रेशन) से जोड़ते हुए इसे एक अलग राजनीतिक रंग दे दिया है।
‘इस्लाम के जरिए देश पर कब्जे की कोशिश’: ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि फ्रांस में जो कुछ भी घट रहा है, उसके पीछे बड़े पैमाने पर हो रहा पलायन है।
ट्रंप ने अपने बयान में आगे दावा किया कि यह पलायन सिर्फ स्कूलों की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पूरे देश पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं पर सख्ती बरतने की अपनी पुरानी मांग को फिर दोहराया।
अमेरिकी राजनीति और MAGA समर्थकों का रुख
अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म चुनावों के मद्देनजर रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप समर्थक लगातार बॉर्डर सुरक्षा और माइग्रेशन के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) आंदोलन से जुड़े कई समर्थक फ्रांस में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इसी क्रम में ट्रंप के सहयोगी ग्लेन बेक ने भी फ्रांस की घटनाओं को पूरे पश्चिमी जगत के लिए एक चेतावनी बताया है।
स्कूलों की बदहाली से शुरू हुआ था छात्रों का विरोध
राजनीतिक बयानों से इतर, फ्रांस में छात्रों का यह आंदोलन बुनियादी तौर पर सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और संसाधनों की कमी के खिलाफ शुरू हुआ था। सितंबर के आखिर में छात्रों ने हाईस्कूलों के बाहर धरने देकर प्रमुख मार्गों को जाम करना शुरू किया था।
धीरे-धीरे यह विरोध पूरे देश में फैल गया और मंगलवार को बड़े पैमाने पर छात्रों के सड़कों पर उतरने से कई शहरों में भारी तोड़फोड़ हुई, जिससे स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
