दिल्ली-एनसीआर में बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 1 नवंबर से BS-IV वाहनों की एंट्री पर रोक

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दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज होते ही प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के नए नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी कर दिए गए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने इस बार ग्रैप के संशोधित नियमों को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रदूषण का स्तर गंभीर होने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर पहले से ही पाबंदियां लागू की जाएंगी। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।

बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा ईंधन, पंपों पर बजेंगे अलार्म

1 अक्टूबर से पूरे दिल्ली-एनसीआर में ईंधन भराने के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है। अब बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंपों पर हर वाहन की जांच की जा रही है।

निगरानी के लिए कई पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक मशीनें लगाई गई हैं, जो बिना सर्टिफिकेट वाले वाहनों के पहुंचते ही अलार्म बजाएंगी। नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों के सीधे चालान काटे जाएंगे। इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं और डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर भी सीमित पाबंदियां लगाई गई हैं।

1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-IV वाहनों की नो-एंट्री

सर्दियों के दौरान प्रदूषण की रोकथाम के लिए सबसे कड़े नियम 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच लागू रहेंगे। इस अवधि में दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं में BS-IV श्रेणी के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान केवल BS-VI मानकों वाले वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सीएनजी (CNG) गाड़ियों को ही चलने की अनुमति होगी। ग्रैप के इन प्रावधानों के साथ दिल्ली सरकार की विंटर एक्शन कार्ययोजना भी समानांतर रूप से चलेगी।

ई-वाहनों के लिए तय हुई समयसीमा, नए रजिस्ट्रेशन पर शर्तें

प्रदूषण को स्थायी रूप से घटाने के लिए भविष्य के वाहनों के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी कड़े नियम तय किए गए हैं:

  • कमर्शियल और निजी हल्के वाहन: 1 जुलाई 2027 से दिल्ली में 3500 किलोग्राम से कम वजन वाले वाहनों में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। यह नियम गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और नोएडा में 1 जुलाई 2028 से तथा बाकी पूरे एनसीआर में 1 जनवरी 2029 से प्रभावी होगा।

  • ऑटो रिक्शा: दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल ई-ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। एनसीआर के पांच प्रमुख जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और नोएडा) में यह व्यवस्था 1 जनवरी 2028 से और शेष एनसीआर में 1 जनवरी से लागू की जाएगी।

इसके अलावा कैब एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों की डिलीवरी गाड़ियों के संचालन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।