माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख़्तरबंद पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमख़म यहाँ हौसलों की भी तैयारी है चाकचौबंद
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई छात्र संगठनों के प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी का सीधा समर्थन मिल गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कड़ी बैरिकेडिंग और पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए युवाओं के आंदोलन के साथ खड़े होने का ऐलान किया है।
अखिलेश यादव ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ताकत के बल पर जनता और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
‘अगर रोका तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा’: अखिलेश
सपा प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में लिखा, “किसी के रोके नहीं रुकेगा अब दिल्ली में देश जुटेगा! हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं। भाजपा सरकार अगर समझ रही है कि वो ताक़त के बल पर जनता को रोक लेगी तो ये उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी।”
उन्होंने आगे लिखा कि ‘जंतर-मंतर’ अब सिर्फ एक जगह का नाम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक नई चेतना और जन-जागरण का प्रतीक बन चुका है। अखिलेश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो पूरे देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा।
‘माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख्तरबंद…’
केंद्र सरकार और प्रशासन के सुरक्षा इंतजामात पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने अपने जाने-पहचाने अंदाज में चार पंक्तियां लिखकर हमला बोला:
“माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख़्तरबंद
पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमख़म
यहाँ हौसलों की भी तैयारी है चाकचौबंद
हैं साथ सब, मानकर इसको अंतिम जंग”
छावनी में तब्दील दिल्ली, स्टेशनों और ट्रेनों पर ब्रेक
जंतर-मंतर पर होने वाले इस जमावड़े को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। पूरे नई दिल्ली इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की भारी टुकड़ियां सड़कों पर तैनात हैं।
एहतियात के तौर पर दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं और नई दिल्ली की तरफ आने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। जंतर-मंतर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर कंटीले तारों और जंजीरों वाले बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
सोमवार को CJI से मिलेगा विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केवल छात्र और CJP ही नहीं, बल्कि समूचा विपक्ष लामबंद है। शुक्रवार रात ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित वोट चोरी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था। विपक्षी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रपति ने उनकी बात को सुना और सबूत मांगे हैं। अब विपक्षी दल इस मामले को लेकर सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
