सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, पुलिस की रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आरोप में जेल में बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को राहत मिल गई है। दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने शाम करीब 5 बजे मामले की सुनवाई करते हुए दोनों नेताओं को जमानत दे दी। दिल्ली पुलिस ने अदालत में दोनों की हिरासत 3 दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

इससे पहले दोनों नेताओं ने अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के मजिस्ट्रेट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने वह याचिका वापस ले ली थी।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों नेता बंद गेट को पार करके प्रदर्शन स्थल के भीतर दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब दिल्ली पुलिस 11 अक्टूबर को ही जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित दर्जे से हटा चुकी थी।

गिरफ्तारी के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने शांति भंग होने और पीस बॉन्ड के उल्लंघन की आशंका का हवाला देते हुए दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 19 अक्टूबर को जमानतदारों के दस्तावेजों पर संदेह जताते हुए अदालत ने जमानत स्वीकार नहीं की थी और हिरासत को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया था।

CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर है CJP का आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी का यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताएं बरती गई हैं।

इस आंदोलन के दौरान द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया, जिसमें दावा किया गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर अन्य चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने के भीतर 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटाने के पुलिस के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

संस्थापक अभिजीत दीपके बोले- ‘रिहाई के बाद बनेगी रणनीति’

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जेल में बंद दोनों नेताओं के प्रति अपना भावनात्मक समर्थन जताया है। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान दीपके ने कहा कि वह दास और रांका को अपना परिवार मानते हैं और त्योहारों के समय उनका जेल में रहना दुखद रहा।

दीपके ने दावा किया कि इन गिरफ्तारियों और हिरासत के जरिए पार्टी को डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की रिहाई के बाद पार्टी के सभी सदस्य एक साथ बैठेंगे और अपने आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे