स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दिए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के आदेश; 1 साल की रखी शर्त

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं को प्रशासनिक स्तर पर बड़ी राहत मिली है। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ने रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है। मजिस्ट्रेट ने तीनों नेताओं को एक साल तक शांति बनाए रखने (शांति भंग न करने) की शर्त पर छोड़ने का फैसला सुनाया है।

दिल्ली कैंट थाने में हुई पेशी, लीगल टीम रही मौजूद

रविवार सुबह दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर दिल्ली कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष उनकी औपचारिक पेशी कराई गई।

इससे पहले सुबह CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया था कि दीपके, रांका और दास को दिल्ली कैंट थाने में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा रहा है। पेशी के दौरान रत्ना सिंह और CJP की पैरवी कर रहे वकीलों का पैनल थाने में मौजूद रहा, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने रिहाई के निर्देश दिए।

धारा 107/151 के तहत प्रिवेंटिव एक्शन, कोई FIR दर्ज नहीं

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई शांति भंग की आशंका के मद्देनजर की गई थी। पुलिस ने उन्हें धारा 107/151 के तहत एहतियातन हिरासत (प्रिवेंटिव अरेस्ट) में रखा था।

यह कार्रवाई किसी अपराध की सजा के तौर पर नहीं, बल्कि संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से की गई थी। मामले में तीनों नेताओं के खिलाफ कोई नियमित एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। यह प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के जरिए पूरी की गई।

फ्लाइट के अंदर से ही पुलिस ने किया था डिटेन

CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे।

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर विमान के लैंड होते ही दिल्ली पुलिस की टीम अंदर दाखिल हुई और तीनों नेताओं को विमान से बाहर कदम रखने से पहले ही अपनी कस्टडी में ले लिया था। शनिवार को हुई इस कार्रवाई के बाद से रविवार सुबह तक नेताओं के डिटेंशन सेंटर की लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी और न ही परिजनों या लीगल टीम से उनका संपर्क हो पाया था, जिसके बाद आज सुबह सीधे थाने में पेशी की प्रक्रिया पूरी की गई।