आजम खान को लखनऊ लाएगी ED, जौहर यूनिवर्सिटी केस में होगी पूछताछ

azam khan

समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आजम खान की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब उन्हें लखनऊ जोनल ऑफिस लाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसी दीपावली के बाद कोर्ट में कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दाखिल करेगी। यह पूछताछ मुख्य रूप से जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च हुए 430 करोड़ रुपये से अधिक के फंड के स्रोत को लेकर होनी है।

430 करोड़ के खर्च पर जवाब तलब

आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति (Chancellor) हैं और उन पर सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। ईडी इस मामले में उनसे पहले भी पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पिछली पूछताछ के दौरान आजम खान की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला था। संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण ही अब रिमांड पर लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

रिहाई के तुरंत बाद हुई थी गिरफ्तारी

इस मामले में ईडी की कार्रवाई आजम खान की जमानत के ठीक बाद हुई है। 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में जमानत दी थी। इसके बाद शनिवार (31 अक्टूबर) को जैसे ही आजम खान जेल से रिहा हुए, ईडी ने उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया। रविवार, एक नवंबर को जांच एजेंसी ने उन्हें गाजियाबाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में वापस जेल भेज दिया गया।

‘मुसलमान होने की सजा मिल रही’

जेल से बाहर आते ही आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है और यूनिवर्सिटी बनाकर उन्होंने गलती की है। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि मुसलमान होने के चलते ही उनके खिलाफ जुल्म किया जा रहा है। आजम के समर्थकों ने इस पूरी कार्रवाई को बीजेपी सरकार की साजिश करार दिया है।

रामपुर में ‘आजमवादी’ पोस्टरों से गरमाई सियासत

आजम खान की लगातार हो रही गिरफ्तारियों को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर और रामपुर में सियासत तेज है। रामपुर में हाल ही में कई जगहों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें ‘समाजवादी’ की जगह ‘आजमवादी’ लिखा गया था। इन पोस्टरों पर समर्थकों ने “जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे” के नारे लिखे थे। जमानत के तुरंत बाद ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी ने समर्थकों के बीच राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।