‘जब मेंढक टर्र-टर्र करते हैं, तो कोयल चुप हो जाती है’: प्रेमानंद महाराज के समर्थन में उतरे अनिरुद्धाचार्य
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम (केलीकुंज) से जुड़े हालिया विवाद और एक साधक की मौत के प्रकरण पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो जारी कर खुलकर प्रेमानंद महाराज का समर्थन किया है और सोशल मीडिया पर संत के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर तीखा हमला बोला है।
‘बिना सोचे-समझे खुद जज बन जाते हैं लोग’
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपने वीडियो में बिना नाम लिए आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा, “जब मेंढक टर्र-टर्र करते हैं तो कोयल चुप हो जाती है, क्योंकि अभी मेंढकों का टाइम है।”
उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना पूरी बात समझे कुछ भी बोलते रहते हैं और खुद ही जज बन जाते हैं। अनिरुद्धाचार्य के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लोग खुद ही आरोप लगा देते हैं और खुद ही न्याय करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज के प्रति लाखों लोगों की आस्था है, इसके बावजूद उनके बारे में ‘उल्टा-सीधा’ बोला जा रहा है।
‘किडनी खराब होने के बाद भी लोगों से मिलते हैं’
अनिरुद्धाचार्य ने प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य और उनके समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा:
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“प्रेमानंद महाराज की किडनी सही नहीं है, इसके बावजूद वह लोगों से मिलते हैं और प्रवचन करते हैं।”
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“वे चाहें तो आराम से एकांत में रह सकते हैं, लेकिन लोगों के सुख और कल्याण के लिए वह उनसे मिलते हैं।”
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इसके बावजूद समाज के कुछ लोग उनके पीछे पड़े हैं और उन्हें बुरा-भला कह रहे हैं। अनिरुद्धाचार्य ने इस स्थिति को ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ (बुरे समय में बुद्धि का भ्रष्ट होना) करार दिया।
‘मौत के लिए सीधे संत को जिम्मेदार ठहराना गलत’
आश्रम में हुई रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले पर बात करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि अब उस मौत का जिम्मेदार सीधे संत को ठहराया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, “पूरी बात सामने आए बिना किसी को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है?”
‘टीआरपी के लिए गालियां भी खाने को तैयार’
अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने की होड़ (Views/TRP) पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आजकल लोग खाना खाए बिना रह सकते हैं, लेकिन वीडियो में बोले बिना नहीं रह सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को वीडियो बनाकर सिर्फ टीआरपी चाहिए होती है, और इसके लिए अगर उन्हें गालियां भी पड़ें तो भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
