‘स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पर, PDA से विरोधियों के पेट में दर्द’- अखिलेश यादव
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा सियासी हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी से जुड़ने वाले नए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए सपा प्रमुख ने स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (PDA) के बढ़ते प्रभाव से सत्ता पक्ष पूरी तरह घबरा गया है।
PDA का नया मतलब- Protest, Demonstration और Activist
अखिलेश यादव ने अपनी राजनीतिक रणनीति ‘पीडीए’ की एक नई व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा कि अब इस मुहिम में ‘Protest, Demonstration और Activist’ (विरोध, प्रदर्शन और आंदोलनकारी) वाले लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
सपा प्रमुख ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि पुरातनपंथी, संकीर्ण सोच और सामंतवादी लोग पीडीए से घबरा गए हैं और विरोधियों को इससे ‘पेट में दर्द’ हो रहा है। उनके मुताबिक, पीडीए प्रोग्रेसिव और विजनरी है, जो लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है। सत्ता पक्ष पर इसे रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि चुनाव को लेकर पीडीए जितना गंभीर है, उतना और कोई नहीं।
‘वेंटिलेटर पर है प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग’
राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर कहा कि बीजेपी सरकार में स्वास्थ्य विभाग खुद वेंटिलेटर पर है। उन्होंने ‘पीडीए ऑडिट’ का हवाला देते हुए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य महकमे में भारी लापरवाही के आंकड़े पेश किए।
सपा चीफ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों के 6 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24 हजार पद रिक्त हैं। प्रदेश की जमीनी हकीकत बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां करीब 16 हजार की आबादी पर महज एक डॉक्टर उपलब्ध है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर का भी जिक्र किया और दावा किया कि वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की संख्या कम हो गई है और पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का यही हाल है।
अंकित बालियान हत्याकांड और कानून-व्यवस्था पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अखिलेश यादव ने अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि मृतक को 18 गोलियां मारी गईं। पीड़ित परिवार, जिसमें अंकित के पिता, मां और पत्नी शामिल हैं, लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदेश में सरकार किसकी है और लोगों को न्याय कौन देगा। पीलीभीत, बहराइच और श्रावस्ती में हो रही आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को इन वारदातों की कोई परवाह नहीं है।
फ्री बस सेवा और ‘तानाशाही’ पर तंज
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए चलाई गई मुफ्त बस सेवा पर भी अखिलेश ने सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सरकार ने मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराने की बात तो कही, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो उचित इंतजाम थे और न ही पर्याप्त बसें उपलब्ध कराई गईं।
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं से आम जनता को हो रही परेशानी का दावा किया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में ‘न तो तानाशाही चलेगी और न ही दानाशाही चलेगी’ और आने वाले चुनाव में जनता इसका करारा जवाब देगी।
