सऊदी अरब में एयर इंडिया की उड़ानें 17 अक्टूबर तक रद्द: हूती हमलों से रियाद एयरपोर्ट बंद; लुफ्थांसा और एयर फ्रांस ने भी रोकी सर्विस

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सऊदी अरब (Saudi Arabia) में बिगड़ते सुरक्षा हालातों का सीधा असर अब हवाई यात्राओं पर पड़ रहा है। एयर इंडिया (Air India) ने सुरक्षा कारणों के चलते 17 अक्टूबर 2026 तक सऊदी अरब के रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

यह कड़ा फैसला यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा किए गए हमलों के बाद रियाद के ‘किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के बंद होने के कारण लिया गया है।

हालात पर एयर इंडिया की नजर, यात्रियों को फुल रिफंड

एयरलाइन कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह इस क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है। फ्लाइट ऑपरेशन दोबारा शुरू करने से पहले वहां के हालात का पूरी तरह से जायजा लिया जाएगा। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की फ्लाइट कैंसिल हुई है, उन्हें टिकट का पूरा रिफंड (Full Refund) दिया जा रहा है।

आखिर क्यों बंद किया गया है रियाद एयरपोर्ट?

एविएशन विभाग द्वारा 12 अक्टूबर को जारी किए गए ‘नोटिस टू एयर मिशन्स’ (NOTAM) के मुताबिक, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 17 अक्टूबर को 2100 GMT तक पूरी तरह से बंद रहेगा।

सऊदी एविएशन अधिकारियों ने इस कदम के पीछे एयरपोर्ट की सुविधाओं की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी सुनिश्चित करने का हवाला दिया है। दरअसल, 10 और 11 अक्टूबर को सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों ने हमले किए थे।

  • एक हमले में करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

  • एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हुए।

इन लगातार हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में सिविल एविएशन (नागरिक उड्डयन) की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

एयर फ्रांस, लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस ने बदले शेड्यूल

सुरक्षा के इन भारी जोखिमों को देखते हुए सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशंस में बड़े बदलाव किए हैं:

  • लुफ्थांसा ग्रुप: 16 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी सर्विस रोक दी है।

  • एयर फ्रांस: फ्लाइट कैंसिल करने का फैसला अक्टूबर के आखिर तक बढ़ा दिया है।

  • एतिहाद एयरवेज: सऊदी अरब के लिए उड़ानें रोकने की अवधि आगे बढ़ा दी है।

  • डेल्टा एयर लाइन्स: अपनी नई अटलांटा-रियाद सर्विस शुरू करने की तारीख 23 अक्टूबर से खिसकाकर सीधे मार्च 2027 कर दी है।

इसके अलावा, US फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने अमेरिकी एयरलाइंस को सऊदी अरब के ऊपर से उड़ान भरते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने भी मिसाइल और ड्रोन के बढ़ते खतरों के बीच इस पूरे इलाके के एयरस्पेस के लिए चेतावनी का दायरा बढ़ा दिया है।

आगे भी जारी रह सकती हैं एयर ट्रैवल में रुकावटें

कई एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि एयरलाइंस को ज्यादा जोखिम वाले इन इलाकों से बचने के लिए वैकल्पिक रूट्स (Alternative Routes) अपनाने पड़ सकते हैं। हालांकि, रास्ता बदलने से एयरलाइंस का जेट फ्यूल खर्च काफी बढ़ जाएगा, ट्रैवल टाइम लंबा हो जाएगा और क्रू की शेड्यूलिंग भी मुश्किल होगी।

चूंकि सऊदी अरब का एयरस्पेस यूरोप और एशिया को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है, इसलिए यहां लंबे समय तक उड़ानों में रुकावट रहने से इंटरनेशनल एयर ट्रैवल और कनेक्टिविटी पर वैश्विक स्तर पर भारी असर पड़ सकता है।