अखिलेश यादव का धीरेंद्र शास्त्री पर बड़ा हमला: ‘ईशनिंदा करने वालों की यूपी में बैन हो एंट्री, नेपाल बॉर्डर भी करना पड़ेगा बंद’
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए विवादित बयान को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सीधा मोर्चा खोल दिया है। सपा मुखिया ने शास्त्री की टिप्पणी को ईशनिंदा करार देते हुए उत्तर प्रदेश की सीमाओं में उनके प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
‘यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाएं आहत’
सपा मुखिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। उन्होंने लिखा कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान से यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। अखिलेश ने साफ किया कि इस टिप्पणी के बाद अब न तो इन्हें ब्रज क्षेत्र में प्रवेश मिलेगा और न ही अवध में। उनका दावा है कि कोई भी सच्चा रघुवंशी या यदुवंशी अब इनका स्वागत नहीं करेगा।
यूपी-एमपी और नेपाल बॉर्डर पर नाकाबंदी की मांग
शास्त्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर नाकाबंदी करने की वकालत की। उन्होंने लिखा कि यूपी और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर बाकायदा एक बोर्ड लगाया जाना चाहिए, जिस पर स्पष्ट तौर पर लिखा हो- ‘ईशनिंदा करने वालों का उत्तर प्रदेश की धर्म-भूमि पर प्रवेश वर्जित है।’ सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि नेपाल बॉर्डर भी बंद करना पड़ेगा, क्योंकि उधर से इधर आना उनके लिए ज्यादा करीब पड़ेगा।
बाहरी के इशारे पर सत्ता को चुनौती का आरोप
इस धार्मिक विवाद को अखिलेश यादव ने एक बड़ी सियासी साजिश से भी जोड़ा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उत्तर प्रदेश में किसी ‘बाहरी’ के इशारे पर राजनीतिक-धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम किया जा रहा है। राजनेताओं को निशाने पर लेते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आपसी राजनीतिक टकराहट के बीच भगवान को क्यों घसीटा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि जो लोग धर्म और मजहब पर छींटाकशी करने से नहीं चूकते, वे आने वाले समय में अन्य संप्रदायों को भी अपना निशाना बना सकते हैं।
कथा के दौरान की थी राम और कृष्ण की तुलना
यह पूरा विवाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक हालिया कथावाचन से शुरू हुआ। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वभाव की तुलना करते हुए श्रीराम को ‘सीधा’ और श्रीकृष्ण को ‘टेढ़ा’ बता दिया था। इस बयान के वायरल होने के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। अखिलेश यादव शुरुआत से ही इस मुद्दे पर आक्रामक हैं और इससे पहले वे धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग भी कर चुके हैं।
