भगवान कृष्ण पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से यूपी में सियासी घमासान: अखिलेश ने की ‘बहिष्कार’ की मांग, राजभर बोले- ‘मथुरा क्यों नहीं जाते?’

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आजम खां से अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा किया।

बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान कृष्ण पर की गई एक टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान को सीधे तौर पर ‘ईशनिंदा’ करार देते हुए उन पर वैधानिक कार्रवाई और सार्वजनिक बहिष्कार की मांग की है। वहीं, अखिलेश के इस कड़े रुख पर सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार करते हुए सपा प्रमुख को मथुरा जाने की नसीहत दे डाली है।

अखिलेश यादव की मांग- ‘कार्यक्रम रद्द हों, कार्रवाई हो’

अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान बताया है। सपा मुखिया ने कहा कि मानवीय भूलों को माफ किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि पूरे देश में धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम तुरंत रद्द किए जाने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने ‘सच्चे सनातनियों’ से अपील की है कि वे सार्वजनिक तौर पर उनका पूर्ण बहिष्कार करें और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

राजभर का तंज- ‘केवल ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलेंगे’

अखिलेश यादव के इस बयान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है। राजभर ने सपा प्रमुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें भगवान श्रीकृष्ण से क्या मतलब है। राजभर के मुताबिक, “अगर उन्हें भगवान श्रीकृष्ण से इतना ही प्रेम है, तो उन्हें मथुरा जाकर दर्शन करने चाहिए, लेकिन वो जा ही नहीं रहे हैं।”

राजभर ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को इतनी ही फिक्र थी, तो उन्हें अब तक सपाईयों (SP workers) के साथ मिलकर धीरेंद्र कृष्ण को घेर लेना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा नेता केवल ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही अपनी बात रखते हैं, जमीन पर कुछ नहीं करते।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

राजभर ने इसी बयान के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी घेरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई राहुल गांधी की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि राहुल खुद सदन से क्यों भागते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी लोकसभा या विधानसभा का सत्र चलता है, तब वे बाहर ही घूमते रहते हैं, जबकि बहस सदन के भीतर होनी चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा राजनीतिक बवाल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस हालिया बयान से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण के स्वभाव की तुलना की थी। शास्त्री ने अपने बयान में भगवान राम को ‘सीधा’ बताया था, जबकि भगवान कृष्ण के लिए ‘टेढ़ी लीला करने वाला’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। इसके बाद समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने उनके इस बयान पर सख्त नाराजगी जाहिर की है।