यूपी चुनाव 2027: फर्रुखाबाद की 4 विधानसभा सीटों का क्या है जातीय समीकरण और मुद्दे?

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (UP Election 2027) को लेकर सियासी दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्राचीन पांचाल की ऐतिहासिक विरासत और पारंपरिक जरदोजी शिल्प के लिए पहचाने जाने वाला फर्रुखाबाद राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम जिला है। पिछले तीन चुनावों के नतीजे बताते हैं कि यहां की जनता बदलाव में विश्वास रखती है।

2012 में यहां समाजवादी पार्टी (SP) ने 4 में से 3 सीटें जीती थीं, जबकि 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चारों सीटों पर क्लीन स्वीप किया था। वहीं, 2022 में बीजेपी ने 3 सीटें और उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी। आइए समझते हैं 2027 के चुनाव में जिले की चारों सीटों (कायमगंज, अमृतपुर, फर्रुखाबाद, भोजपुर) का पूरा राजनीतिक और जातीय समीकरण क्या रहने वाला है।

फर्रुखाबाद जिले की 4 विधानसभा सीटें और उनके मतदाता

फर्रुखाबाद जिले में कुल 4 विधानसभा क्षेत्र हैं। 2026 की मतदाता सूची के अनुसार जिले में लगभग 11.79 लाख मतदाता हैं।

  1. कायमगंज (सुरक्षित): लगभग 3.49 लाख मतदाता (जिले में सबसे ज्यादा)

  2. फर्रुखाबाद (सामान्य): लगभग 2.81 लाख मतदाता

  3. भोजपुर (सामान्य): लगभग 2.82 लाख मतदाता

  4. अमृतपुर (सामान्य): लगभग 2.68 लाख मतदाता (सबसे कम)

2022 के विधानसभा चुनाव में कौन, कितने वोटों से जीता?

  • कायमगंज (SC): अपना दल (एस) की डॉ. सुरभि ने सपा के सर्वेश अंबेडकर को 18,543 वोटों से हराया।

  • अमृतपुर: बीजेपी के सुशील कुमार शाक्य ने सपा के डॉ. जितेंद्र सिंह यादव को 44,686 वोटों (सबसे बड़ी जीत) से हराया।

  • फर्रुखाबाद: बीजेपी के मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने सपा की सुमन शाक्य को 39,316 वोटों से शिकस्त दी।

  • भोजपुर: बीजेपी के नागेंद्र सिंह राठौर ने सपा के अरशद जमाल सिद्दीकी को 27,458 वोटों से हराया।

चारों सीटों का जातीय समीकरण और 2027 के अहम मुद्दे

1. कायमगंज (SC): तंबाकू और आलू की खेती के लिए मशहूर इस आरक्षित सीट पर करीब 18.5 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति (SC) की है। ग्रामीण आबादी वाले इस क्षेत्र में 2027 के दौरान कृषि, रोजगार, और स्थानीय विकास अहम मुद्दे होंगे। अपना दल (एस) के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, वहीं सपा यहां वापसी की कोशिश में है।

2. अमृतपुर: गंगा और रामगंगा नदियों के बीच बसे इस ग्रामीण बहुल इलाके में बाढ़ और खेती सबसे बड़े मुद्दे हैं। यहां अनुसूचित जाति 10.7% और मुस्लिम आबादी 4.7% है। बीजेपी के सामने अपनी बड़ी जीत का अंतर कायम रखने की चुनौती होगी। सड़क, सिंचाई और बाढ़ से बचाव यहां प्रमुख चुनावी मुद्दे रहेंगे।

3. फर्रुखाबाद (सदर): यह जिले की मुख्य शहरी सीट है। यहां शहरी आबादी के साथ-साथ मुस्लिम और अनुसूचित जाति के मतदाताओं का अच्छा प्रभाव है (SC: 16.4%, मुस्लिम: 16.2%)। 2027 में यहां व्यापार, सड़क, जल निकासी और शहरी नागरिक सुविधाएं मुख्य चुनावी मुद्दे होंगे।

4. भोजपुर: इस क्षेत्र की 90.8 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है। यहां SC आबादी 17.3% और मुस्लिम आबादी 15.7% है। गंगा के आसपास बसे इस इलाके में खेती-किसानी ही मुख्य मुद्दा है। 2027 में यहां मुकाबला सीधे तौर पर बीजेपी और सपा के बीच होने की उम्मीद है।

फर्रुखाबाद की जनसांख्यिकी (2011 जनगणना)

जिले की कुल आबादी 18,85,204 है। इसमें 77.9 प्रतिशत लोग गांवों में और 22.1 प्रतिशत शहरों में रहते हैं। धर्म के आधार पर देखा जाए तो जिले में 84.7 प्रतिशत हिंदू और लगभग 14.7 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। 2027 के चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां क्या 2022 की सफलता दोहरा पाती हैं या समाजवादी पार्टी इस जिले में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में सफल रहती है।