अंबेडकर नगर में BJP संगठन की बड़ी चूक: 1 साल पहले दिवंगत हो चुके नेता को दी प्रदेश कमेटी में जगह

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उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के श्रम प्रकोष्ठ की ओर से एक बड़ी चूक सामने आई है। श्रम प्रकोष्ठ की प्रांतीय टीम ने अपनी नई कार्यकारिणी में एक ऐसे नेता को शामिल कर लिया है, जिनका करीब एक साल पहले ही निधन हो चुका है। दिवंगत नेता राम सूरत मौर्य का नाम 11 सदस्यीय प्रांतीय टीम में बतौर नामित सदस्य शामिल किया गया है, जिसके बाद जिले के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।

वायरल सूची के बाद मची हलचल

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर शाम श्रम प्रकोष्ठ की प्रांतीय टीम की सूची जारी की गई थी। इस सूची में टांडा निवासी राम सूरत मौर्य को भी जगह दी गई थी। जैसे ही यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई, स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, क्योंकि राम सूरत मौर्य का निधन एक साल से अधिक समय पहले हो चुका है।

जिला इकाई और चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस बड़ी लापरवाही के बाद प्रदेश स्तर पर पदाधिकारियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। चर्चा है कि प्रदेश कमेटी की सूची तैयार करने से पहले संबंधित जिला संगठन से जानकारी ली जाती है। अगर जिला स्तर से जानकारी या सुझाव लिए गए थे, तो दिवंगत नेता का नाम सूची में कैसे चला गया? और यदि जिला संगठन से कोई जानकारी नहीं ली गई, तो प्रदेश स्तर पर बिना जांच-पड़ताल के नाम कैसे शामिल कर लिया गया?

जिलाध्यक्ष ने मानी चूक, जांच के आदेश

इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी के जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है। पटेल ने बताया कि इस लापरवाही की जानकारी प्रदेश कमेटी को दे दी गई है और जल्द ही संशोधित सूची जारी की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच संगठन स्तर पर हुई इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा, इस पर पार्टी के नेता अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।