रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन आज, अभिजीत दीपके ने किया साफ- INDIA ब्लॉक की रैली में शामिल नहीं होगी CJP
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली के मुद्दे पर INDIA गठबंधन आज (रविवार, 1 नवंबर 2026) दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी महारैली करने जा रहा है। इस रैली में विपक्ष के कई बड़े नेता और 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस बीच सबकी नजरें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पर टिकी थीं कि क्या वह इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होगी या नहीं। बता दें कि CJP ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR को लेकर देशभर में प्रदर्शन किए थे, जिसे कई बड़े नेताओं का समर्थन भी मिला था। हालांकि, अब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्थिति साफ कर दी है।
‘CJP एक स्वतंत्र और न्यूट्रल प्लेटफॉर्म, पहचान बनाए रखना चाहते हैं’
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान जब दीपके से रविवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली में CJP के हिस्सा लेने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “संगठन इस मुद्दे का समर्थन करता है लेकिन औपचारिक रूप से प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा। हम कल के विरोध का समर्थन करते हैं और इसके साथ खड़े हैं।”
दीपके ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र संगठन और एक न्यूट्रल प्लेटफॉर्म है। हम उस पहचान को बनाए रखना चाहते हैं।”
वोट चोरी के खिलाफ लड़ने वालों का करेंगे समर्थन
अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि CJP उन सभी संगठनों का समर्थन करेगी जो कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ लड़ रहे हैं, चाहे उनका राजनीतिक जुड़ाव कुछ भी हो। उन्होंने स्पष्ट किया, “जो कोई भी वोट चोरी के खिलाफ लड़ेगा, उसे हमारा समर्थन मिलेगा। हम ऐसे सभी संगठनों का समर्थन करेंगे।”
ममता बनर्जी ने की CJP और युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ
आज होने वाली INDIA ब्लॉक की महारैली में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली में हैं। अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में अभिजीत दीपके और उनके युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका की जमकर तारीफ की।
बता दें कि INDIA गठबंधन इस रैली के जरिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और SIR में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है।
