जेडी वेंस की चिट्ठी से बदले अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध के हालात? ईरान ने दिया बड़ा बयान
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य हमलों की लगातार चेतावनियों के बीच अब कूटनीतिक मोर्चे पर एक अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है। तेहरान ने वाशिंगटन के रुख में एक बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। कतर और पाकिस्तान की सघन मध्यस्थता के बाद अब एक और युद्ध टलने की उम्मीद बंधने लगी है।
जेडी वेंस की चिट्ठी और ईरान की सकारात्मक प्रतिक्रिया
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से आए एक पत्र के सुर ‘पूरी तरह से बदल’ गए हैं। उन्होंने इस कूटनीतिक पहल को एक सकारात्मक विकास करार दिया है।
रेजई के इस बयान को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का भी समर्थन मिला है। अराघची ने बातचीत का रास्ता खोलने के वाशिंगटन के हालिया प्रयास का स्वागत किया, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि तेहरान अभी अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं है। समाचार नेटवर्क ‘अल जजीरा’ से बात करते हुए अराघची ने कहा, “व्यापक स्तर पर बातचीत और समझ का दरवाजा खोलने का अमेरिकी पक्ष का प्रयास एक सकारात्मक कदम है।” शीर्ष ईरानी अधिकारियों की यह सकारात्मक भाषा पिछले कई दिनों से चल रही सैन्य धमकियों और टकराव वाली बयानबाजी से बिल्कुल अलग है।
आखिर अचानक क्या बदल गया?
पिछले पूरे हफ्ते इस बात पर चर्चा गर्म थी कि वाशिंगटन और इजरायल 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन अब कूटनीतिक प्रयासों ने जोर पकड़ लिया है।
सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजई ने वेंस के पत्र की सामग्री का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन वाशिंगटन के सुर में आए इस बदलाव का श्रेय ईरान की ताकत को दिया। वहीं, विदेश मंत्री अराघची ने पुष्टि की है कि उच्च स्तरीय बैठकों में इस पत्र की जांच की गई है और तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है।
कतर की 12 घंटे लंबी ‘मैराथन मध्यस्थता’
ईरानी अधिकारियों के ये बयान शुक्रवार को तेहरान में कतरी मध्यस्थों और ईरानी अधिकारियों के बीच 12 घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन बातचीत के बाद आए हैं। एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत के दौरान कतर का प्रतिनिधिमंडल लगातार व्हाइट हाउस के संपर्क में था। इसका मकसद अमेरिका-ईरान वार्ता को फिर से शुरू करने का एक फॉर्मूला खोजना था।
एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि इस वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है। इसके बाद चर्चा को दोहा स्थानांतरित कर दिया गया, जहां कतरी अधिकारियों के साथ आगे के परामर्श के लिए एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी यात्रा की है।
जानकारी के मुताबिक, मध्यस्थ अब दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के कदमों पर विचार कर रहे हैं। इसमें सीमित अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत के बदले क्षतिग्रस्त ईरानी परमाणु सुविधाओं तक अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की संभावित पहुंच जैसे कदम शामिल हैं। इस कूटनीतिक पहल के बीच सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान भी क्षेत्र में युद्ध को रोकने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
