‘मोहब्बत की दुकानें बंद न करें’, दिवाली सीजन में रैली को लेकर CTI की राहुल गांधी से अपील
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले विरोध प्रदर्शन को टालने की अपील की है। CTI ने राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले बयान का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाते हैं, तो राजनीति के बाजार में व्यापारियों की मोहब्बत की दुकानें बंद न करें।
व्यापारियों की ‘मोहब्बत की दुकान’ का हवाला
CTI ने अपने बयान में कहा, “आप हमेशा बोलते हैं कि ‘मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाता हूं’, हमारी दुकानें भी ग्राहकों के साथ आपसी विश्वास, प्यार और मोहब्बत के आधार पर ही चलती हैं। इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि भारत के सबसे बड़े त्योहार दिवाली के पीक सीजन में हमारी मोहब्बत की दुकानें और व्यापार रैली की भेंट न चढ़ जाएं।”
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, “आप भारत जोड़ो यात्रा में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में रैली के कारण हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें बंद करवा रहे हैं। चांदनी चौक का लहंगा, खारी बावली के मसाले और सदर की चूड़ी-बिंदी—ये सब मोहब्बत की दुकानें ही तो हैं, जिन पर कई परिवारों की रोजी-रोटी चलती है।”
20 बाजारों में पोस्टर लगाकर महा-अभियान
CTI ने ऐलान किया है कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 बड़े थोक बाजारों में राहुल गांधी के लिए ‘पोस्टर अभियान’ चलाया जाएगा। इन बाजारों में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, कनॉट प्लेस, और करोल बाग समेत अन्य प्रमुख बाजार शामिल हैं। CTI ने आशंका जताई है कि यदि रैली में 10 लाख लोग और 20 हजार गाड़ियां आएंगी, तो सबसे पहले इन्हीं 20 बाजारों में ताले लगेंगे।
दिवाली के व्यापार पर संकट
बृजेश गोयल ने कहा कि 1 नवंबर को धनतेरस से सिर्फ 4 दिन पहले इतनी बड़ी रैली होने से पूरी दिल्ली जाम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान में पर्याप्त पार्किंग नहीं है, जिससे सड़कें जाम हो जाएंगी।
CTI के मुताबिक, “दिल्ली के 20 लाख व्यापारी पूरे साल दिवाली सीजन का इंतजार करते हैं। इस प्रदर्शन के कारण 20 लाख व्यापारियों का 10-12 हजार करोड़ रुपये का दिवाली व्यापार ठप हो जाएगा, जिससे 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा और उनके घरों की दिवाली फीकी हो जाएगी।” फिलहाल, इस अपील पर विपक्ष या कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
