केरल में CJP को झटका, इन्फ्लुएंसर फ्रेडी फ्रांसिस ने छोड़े सभी आधिकारिक पद
केरल की राजनीति में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को एक बड़ा झटका लगा है। सोशल मीडिया के चर्चित इन्फ्लुएंसर फ्रेडी फ्रांसिस ने रविवार को पार्टी की राज्य इकाई में अपनी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से अलग होने का ऐलान कर दिया। उन्होंने संगठन के फंड जुटाने के तरीकों और हालिया राजनीतिक बयानों पर गंभीर असहमति जताते हुए यह कदम उठाया है।
फंडिंग और ‘अपरिपक्व’ बयानों से असहमति
फ्रेडी ने अपने आधिकारिक बयान में पार्टी के कुछ हालिया फैसलों और राजनीतिक बयानों को पूरी तरह अपरिपक्व करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के कुछ कदम केरल की धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी पहचान को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में उनके लिए ऐसे फैसलों का समर्थन करना या भविष्य की गतिविधियों की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं रह गया है, जिसके चलते उन्होंने राज्य इकाई से अपनी भूमिका खत्म करने का निर्णय लिया।
CJP को खड़ा करने में रहा अहम योगदान
राज्य में CJP और इसके युवा आंदोलन की नींव रखने में फ्रेडी फ्रांसिस शुरुआती और प्रमुख चेहरों में शामिल थे। संगठन ने सितंबर से केरल में अपनी गतिविधियां तेज की थीं। इस दौरान पार्टी समन्वयकों ने सभी जिलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को मुखरता से उठाने की योजना बनाई थी। ‘केरल कौमुदी’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेडी उन विरोध-प्रदर्शनों में भी बेहद सक्रिय रहे थे, जिनके दबाव में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
सिद्धांतों पर अडिग, समर्थकों का जताया आभार
पार्टी से अलग होने की घोषणा के साथ ही फ्रेडी ने उन सभी सहयोगियों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बाढ़ राहत कार्यों और विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान उनके साथ मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि एक टीम के तौर पर किए गए संघर्षों ने ही आज के आंदोलन की नींव रखी है।
फ्रेडी ने साफ किया कि संगठन छोड़ने का मतलब अपने उसूलों से समझौता करना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और देश के हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह ही मजबूत रहेगी और वे आगे भी इन मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
