संघ के स्थापना दिवस पर PM मोदी की बधाई, CM योगी और धामी ने भी दी शुभकामनाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर संघ के सेवा भाव, सामाजिक प्रतिबद्धता और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान की सराहना की है। पीएम मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया के जरिए आरएसएस की राष्ट्र-साधना और स्थापना से जुड़े विचारों को साझा किया है।
पीएम मोदी का संदेश: ‘समाज के उत्थान के लिए हुआ काम’
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रतिबद्धता का गौरवशाली शताब्दी वर्ष पूर्ण कर लिया है। उन्होंने उन सभी विभूतियों को नमन किया जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से संगठन को सींचा है।
प्रधानमंत्री ने स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए लिखा, “अनगिनत स्वयंसेवकों ने अपने समर्पण, कर्तव्य-निष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना से सदैव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है। मुझे विश्वास है कि यह भावना आने वाले समय में भी देश को और सशक्त एवं सुदृढ़ करेगी।”
सीएम योगी ने याद दिलाया ‘इदं राष्ट्राय इदं न मम’ का भाव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरएसएस को विश्व का सबसे विशाल सांस्कृतिक संगठन बताते हुए स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि संघ राष्ट्र को अपना आराध्य, समाज को परिवार और सेवा को साधना मानता है।
सीएम योगी के मुताबिक, व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र तक ‘इदं राष्ट्राय इदं न मम’ (यह राष्ट्र के लिए है, मेरे लिए नहीं) का भाव जगाती यह राष्ट्र-साधना मां भारती के परम वैभव की एक अखंड यात्रा है।
डॉ. हेडगेवार का बोया बीज बना विशाल वृक्ष: पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संघ की स्थापना की 101वीं वर्षगांठ पर अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना का जिक्र किया। उन्होंने आरएसएस के संस्थापक का उल्लेख करते हुए लिखा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के दूरदर्शी नेतृत्व में बोया गया संघ रूपी बीज अब एक विशाल वृक्ष बन चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैली हैं।
धामी ने संघ की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रतिदिन लगने वाली शाखा से शुरू हुई यह यात्रा आज शिक्षा, आपदा राहत, सेवा और सामाजिक समरसता जैसे अनेक क्षेत्रों में स्वयंसेवकों के निःस्वार्थ योगदान के रूप में दिखाई दे रही है।
