एशियन पैरा गेम्स 2026 में शीतल देवी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, तीरंदाजी के फाइनल में पहुंचीं
जम्मू-कश्मीर के किश्तवार की रहने वाली 19 वर्षीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है। महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालीफिकेशन राउंड में उन्होंने 149 का स्कोर खड़ा कर नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) कायम किया है। शीतल ने इस विशाल स्कोर के साथ ब्रिटिश तीरंदाज जेसिका स्ट्रेटन के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
हॉन्ग कॉन्ग, फिलीपींस और जापान की खिलाड़ियों को दी शिकस्त
शीतल ने अपने वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरुआत प्री-क्वार्टरफाइनल से की। इस मैच में उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग की एथलीट को 149-134 के बड़े अंतर से आसानी से हराया। इसके बाद क्वार्टरफाइनल में उनका सामना फिलीपींस की अगस्टिना से हुआ, जिन्हें शीतल ने 147-135 से मात दी। अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए सेमीफाइनल में उन्होंने जापान की खिलाड़ी को 145-137 के स्कोर से हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है।
कौन हैं शीतल देवी और क्या है फोकोमीलिया?
10 जनवरी 2007 को जन्मी शीतल दुनिया की पहली और एकमात्र पैरा आर्चरी चैंपियन हैं, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। वह जन्म से ही ‘फोकोमीलिया’ (Phocomelia) नाम की मेडिकल स्थिति के साथ पैदा हुई थीं, जिसके कारण उनके दोनों हाथ विकसित नहीं हो पाए। वह अपने पैरों की मदद से धनुष उठाती हैं और सटीक निशाना साधती हैं।
पैरा तीरंदाजी में लगातार पदकों की बारिश
शीतल देवी पिछले कुछ सालों से विश्व पैरा तीरंदाजी में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार हैं। 2022 के पैरा एशियन गेम्स में उन्होंने 2 गोल्ड मेडल जीते थे। इसके बाद वह 2025 में पैरा आर्चरी वर्ल्ड चैंपियन बनीं और 2024 पेरिस पैरालंपिक्स की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का सफर
शीतल के इस शानदार प्रदर्शन के साथ एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल का पदकों का आंकड़ा 21 तक पहुंच गया है। भारत ने अब तक 5 गोल्ड, 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीत लिए हैं। पिछले संस्करण में भारत ने कुल 108 पदक (27 गोल्ड) हासिल किए थे और इस बार पदक तालिका में इस आंकड़े को भी पार करने की उम्मीद की जा रही है।
