परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर घमासान, CM मान ने दिया जांच का आश्वासन, शाह मांगेंगे जवाब
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की सरेआम हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को मामले की गहन जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा। दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार इस हत्याकांड और राज्य में नशा विरोधी अभियान से जुड़े एक अन्य मामले में पंजाब सरकार से आधिकारिक जवाब मांगेगी।
हत्या के तीन दिन बाद भी झोटा का शव मानसा सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है। उनके परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
सीबीआई जांच और सीएम के इस्तीफे की मांग
इस हत्याकांड के विरोध में विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन किया है। समिति ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग रखी है। इसके अलावा, समिति ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की है। स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाते हुए मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस उपाधीक्षक (DSP), थाना प्रभारी (SHO) और औषधि निरीक्षक को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई गई है।
केंद्र सरकार का सख्त रुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार झोटा की हत्या के साथ-साथ पिछले महीने हुई गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में भी पंजाब सरकार से जवाब तलब करेगी। गुलजार सिंह ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर एक मंत्री से सवाल किए थे, जिसके बाद उनकी आत्महत्या का मामला सामने आया था।
धार्मिक और राजनीतिक नेताओं का समर्थन
इस बीच, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। जत्थेदार गड़गज ने परविंदर सिंह झोटा को सिख समुदाय के ‘शहीद’ का दर्जा दिया।
विपक्षी दलों के नेताओं ने भी परिवार से मिलकर अपना समर्थन जताया है। शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय की लड़ाई में हरसंभव समर्थन का भरोसा दिया। अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस घटना ने पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को काफी तेज कर दिया है।
फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की हत्या मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार ने गोली मारकर की थी। जानकारी के मुताबिक, झोटा ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग को नशे की दवाएं बेचने को लेकर अश्वनी कुमार से सवाल किया था। जिस समय झोटा को गोली मारी गई, वह फेसबुक पर लाइव थे। घटना के बाद फरार हुए आरोपी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
‘साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा’
फिल्लौर में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “गलत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और जांच के दौरान किसी भी साजिश का पता चलने पर उसका पर्दाफाश किया जाएगा।”
सीएम मान ने लोगों से अपील की कि समाज के कल्याण के लिए काम करने वालों का संकल्प ऐसी घटनाओं से कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून अपना काम करेगा, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और सच्चाई को सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
