संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला, CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों व छात्र संगठनों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। गुरुवार को बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रशांत भूषण और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी नेताओं पर अराजकता फैलाने और विदेशी ताकतों के हाथों बिकने के गंभीर आरोप लगाए।
वहीं, दूसरी ओर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
संबित पात्रा का पलटवार: ‘विदेशी ताकतों के हाथों बिक गए हैं’
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राम मंदिर निर्माण के बाद से विपक्ष के बौखलाने का दावा किया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी भारत को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। जनता आपको बार-बार हरा रही है, लेकिन आप अराजकता में विश्वास करते हैं।” पात्रा ने राहुल गांधी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग अपना नेता नहीं बदल पा रहे हैं, वे देश में सत्ता परिवर्तन का ख्वाब देख रहे हैं।
उन्होंने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी आड़े हाथों लिया। पात्रा ने दावा किया कि नेहा ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा था, “बांग्लादेश ने हमें सिखाया कि सत्ता परिवर्तन कैसे करना है।” पात्रा ने वामपंथियों और विरोध करने वालों को ‘विदेशी दलाल’ बताते हुए कहा कि बाटला हाउस एनकाउंटर पर रोने वाले और अफजल गुरु का समर्थन करने वाले आज धार्मिक कट्टरपंथ पर दूसरों को सीख दे रहे हैं।
CJP का सवाल: ‘CEC ज्ञानेश कुमार इतने महत्वपूर्ण क्यों?’
उधर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए की गई। दीपके ने कहा, “जब से चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरें छपी हैं, सरकार अपनी पूरी मशीनरी ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगा रही है।”
दीपके ने सवाल उठाया कि सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने के लिए छात्रों, युवाओं और विपक्षी नेताओं को सड़कों पर घसीटा गया। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए ही राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे नेताओं को हिरासत में लिया गया।
‘दिल्ली को बॉर्डर में तब्दील कर दिया’
अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर की प्रशासनिक कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के लिए रेलवे, मेट्रो और मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया और दिल्ली में जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बल बुला लिए गए। उन्होंने सरकार से सवाल किया, “अगर ज्ञानेश कुमार बीजेपी को चुनाव जीतने में मदद नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है?”
‘एक देश, एक पार्टी’ सरकार का असल मकसद
दीपके ने बीजेपी के ‘एक देश, एक चुनाव’ के नारे को ‘एक देश, एक पार्टी’ का एजेंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखना चाहती है, तो आधिकारिक तौर पर आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दे।
CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का विरोध करते हुए दीपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा सभा’ का आह्वान किया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, किसान यूनियनों और नागरिक समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना कोई अपराध नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज और नेहा बोरा भी मौजूद थीं।
