पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल की छत गिरी, महिला टीचर और 27 बच्चों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है। पेशावर के अफरीदी आबाद इलाके में एक प्राइवेट स्कूल की छत ढहने से 28 लोगों की मौत हो गई है। जान गंवाने वालों में 27 स्कूली बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे के वक्त सभी बच्चे क्लासरूम में मौजूद थे।
इस भीषण हादसे के बाद पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू कर दी गई है।
क्लासरूम में मौजूद थे बच्चे, 17 ने मौके पर तोड़ा दम
लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने हादसे और मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चे 13 साल या उससे कम उम्र के थे। छत का मलबा गिरने से 17 छात्रों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि 3 बच्चों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। जान गंवाने वाली महिला टीचर की पहचान ‘शामिला’ के रूप में हुई है।
पेशावर के उपायुक्त (Deputy Commissioner) कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि जब स्कूल की छत गिरी, तब बच्चे अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे।
20 लोगों को निकाला गया था मलबे से
रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि बचाव कर्मियों ने छात्रों और शिक्षकों समेत करीब 20 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था। घटनास्थल से 4 लोगों के शव बरामद हुए थे, जबकि कई अन्य बच्चों ने अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया। 10 से अधिक बच्चों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पाकिस्तान में इमारतें ढहने का पुराना इतिहास
पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण इमारतों और छतों के गिरने की घटनाएं बेहद आम हैं।
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जुलाई 2026: उमरकोट के पास एक सरकारी स्कूल की बाहरी दीवार ढहने से 3 से 13 साल की तीन लड़कियों की मौत हो गई थी।
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जुलाई 2026: लाहौर के बागबानपुरा इलाके में निर्माणाधीन निजी स्कूल की इमारत की छत गिरने से एक बच्चे की जान गई और 5 अन्य घायल हुए।
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जून 2026: लाहौर के काहना इलाके में प्राइवेट ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हुई थी। इसके अलावा, डेरा गाजी खान के प्राइवेट स्कूल में भी छत गिरने से 4 बच्चों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे।
