सीएम योगी का प्रयागराज में बड़ा ऐलान, अतीक के गढ़ कसारी-मसारी का नाम अब ‘श्रीकृष्ण पुरी’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में एक बड़ा और प्रतीकात्मक ऐलान किया। उन्होंने माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके गुर्गों के खास प्रभाव वाले क्षेत्र रहे ‘कसारी-मसारी’ का नाम बदलकर ‘श्रीकृष्ण पुरी’ (Shrikrishna Puri) करने की घोषणा की है। सीएम योगी ने कसारी-मसारी में अतीक के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई करीब 15 बीघा जमीन पर कमजोर वर्गों के लिए 602 आवास बनाने की परियोजना का भूमि पूजन किया, जिसके बाद उन्होंने यह घोषणा की।
‘अब कसारी-मसारी नहीं, श्रीकृष्ण पुरी होगा नाम’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अब यह क्षेत्र कसारी-मसारी के नाम से नहीं जाना जाएगा… अब हम इसे श्रीकृष्ण पुरी के रूप में विकसित करेंगे। यह विकास की प्रक्रिया का हिस्सा है। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां विकास की जो योजना आगे बढ़ेगी और जो नई टाउनशिप विकसित होगी, वह इसी श्रीकृष्ण पुरी का हिस्सा होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा क्षेत्र अब एक नई आभा और सकारात्मक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा, और यह सरकार के ‘माफिया मुक्ति अभियान’ का एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘माफियागीरी करने का साहस किया तो मिट्टी में मिलने की तैयारी कर लें’
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों (खासकर समाजवादी पार्टी) पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब माफिया अतीक अहमद और अशरफ जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी, और तत्कालीन राज्य सरकारें उनके सामने घुटने टेक देती थीं।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “प्रयागराज में अब कोई भी माफियागीरी करने का साहस नहीं करेगा। और अगर कोई ऐसा करेगा, तो वह मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर ले।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों की पैतृक संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी और उसका उपयोग गरीबों के लिए आवास बनाने में किया जाएगा।
प्रयागराज में अब कानून का राज, विकास को मिलेगी गति
सीएम योगी ने याद दिलाया कि एक समय प्रयागराज में माफिया का इतना आतंक था कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। उन्होंने कहा, “ऐसे माहौल में न तो विकास हो सकता है, न निवेश आ सकता है और न ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।” उन्होंने बताया कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद से ही अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने) की नीति अपनाई गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना और उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ (Growth Engine) बनाना है।
गरीबों के लिए 1200 आशियाने, मिलेगी हर सुविधा
मुख्यमंत्री ने आवास योजना की जानकारी देते हुए बताया कि माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल समाज के सबसे कमजोर तबके के उत्थान के लिए किया जा रहा है।
-
लोकरगंज का उदाहरण: इससे पहले लोकरगंज में भी माफिया की जमीन पर 86 गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए थे।
-
कसारी-मसारी (श्रीकृष्ण पुरी) में योजना: वर्तमान परियोजना के तहत पहले चरण में 602 परिवारों को और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब यह पूरी टाउनशिप बनकर तैयार हो जाएगी, तो करीब 1,200 परिवारों के छह हजार से अधिक लोग यहां सम्मान के साथ रह सकेंगे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) द्वारा विकसित की जाने वाली इस प्रस्तावित टाउनशिप में न केवल घर होंगे, बल्कि निवासियों की सुविधा के लिए आधुनिक बाजार, पार्क, खेलकूद के मैदान और जिम जैसी जनसुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सख्त संदेश है, बल्कि गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। कसारी-मसारी का श्रीकृष्ण पुरी के रूप में नया नामकरण क्षेत्र के इतिहास को पीछे छोड़कर विकास के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
