जिबूती तट के पास प्रवासियों से भरी नाव पलटी: 15 बच्चों समेत 109 की मौत, 116 से ज्यादा लापता; 300 से अधिक लोग थे सवार

gibuti

 पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट पर प्रवासियों से भरी एक ओवरलोड नाव समुद्र में पलट गई। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी (IOM) के मुताबिक, इस हादसे में 15 बच्चों समेत कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 116 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। नाव में क्षमता से अधिक 300 से ज्यादा लोग सवार थे। यह भीषण हादसा जिबूती के पूर्वी तट पर गुहेरे के पास हुआ, जो अदन की खाड़ी और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित है।

जिबूती से यमन जा रही थी नाव, 80 से अधिक बचाए गए

हादसे में जीवित बचे लोगों ने बताया कि नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी। गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के के दौरान गहरे पानी में यह अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।

हादसे की सूचना मिलते ही जिबूती के तटरक्षक बल और बचाव दलों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने समुद्र से 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाए गए सभी लोग इथियोपिया के नागरिक बताए जा रहे हैं।

IOM ने शुरू की आपात सहायता, खतरों पर चेताया

जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख अलेक्सांद्रे कोइसैक ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों को आपातकालीन सहायता उपलब्ध करा रही है।

कोइसैक ने कहा कि यह त्रासदी उस गंभीर खतरे को सामने लाती है, जिसका सामना बेहतर आजीविका की तलाश में निकले असहाय प्रवासी इस बेहद जोखिम भरे समुद्री रास्ते पर करते हैं।

‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ का जानलेवा रूट, सर्च ऑपरेशन जारी

जिबूती और यमन के बीच बाब अल-मंदेब का संकरा समुद्री मार्ग ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ के प्रवासियों के लिए खाड़ी देशों तक पहुंचने का मुख्य जरिया है, लेकिन यह सबसे जानलेवा रास्तों में गिना जाता है। क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष के बावजूद रोजगार और सुरक्षा की उम्मीद में हर साल हजारों लोग जान जोखिम में डालकर इस रूट से सफर करते हैं।

IOM के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल भी इस रूट पर 900 से अधिक लोगों की जान गई थी या वे लापता हो गए थे। तटरक्षक दल समुद्र में लापता 116 से अधिक लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।