दिल्ली से चेन्नई तक विरोध: ममता, केजरीवाल और नेहा बोरा समेत कई हिरासत में

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर कूच के बीच पुलिस ने कई बड़े चेहरों को हिरासत में ले लिया, जबकि दक्षिण में चेन्नई तक इसकी आंच पहुंची। नेहा बोरा, दीपांकर भट्टाचार्य और प्रशांत भूषण समेत नागरिक समाज के कई सदस्यों की अगुवाई में बड़ी तादाद में लोगों ने दिल्ली हाट से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च शुरू किया। हालांकि मार्च के दौरान ही दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को सफदरजंग इलाके से हिरासत में ले लिया।

ममता और केजरीवाल भी पुलिस हिरासत में

प्रदर्शन के बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया। उनकी जो तस्वीर सामने आई, उसमें वे मुंह पर पट्टी लगाए दिखाई दे रही हैं। इसके बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। केजरीवाल और ममता के साथ AAP और TMC के कई अन्य नेता व सांसद भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं।

CJP का आह्वान: जहां रोके जाएं, वहीं बना लें जंतर-मंतर

पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके समेत शीर्ष नेताओं के हिरासत में जाने के बाद भी CJP ने अपना रुख नहीं बदला। पार्टी ने देशवासियों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और कहा कि पुलिस जहां भी रोके, लोग उसी जगह को अपना जंतर-मंतर बना लें।

अखिलेश यादव बोले, विपक्ष एक सुर में

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कमजोर पड़ने पर सरकारें अन्याय का सहारा लेती हैं। उनके मुताबिक यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर उठे सवालों को लेकर है और आपत्ति केवल CJP की नहीं है, बल्कि देश की कई राजनीतिक पार्टियां समय-समय पर आयोग की भूमिका पर सवाल उठाती रही हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था होने के नाते आयोग से निष्पक्षता और विश्वसनीयता की अपेक्षा है, और यह मांग केवल युवाओं की नहीं, बल्कि सभी दलों की है कि ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें।

चेन्नई में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

शनिवार को ही चेन्नई पुलिस ने इलियट बीच के पास इसी मांग को लेकर जुटे 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं।