फ्लाईदुबई विमान घटना के बाद इजरायल की एविएशन सिक्योरिटी की जांच करेगा अमेरिका
तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई कथित हमले की घटना के बाद इजरायल की विमानन सुरक्षा व्यवस्था अमेरिकी जांच के दायरे में आ गई है। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इजरायल पहुंचकर इस बात की समीक्षा करेगा कि देश अब भी अमेरिका के वीजा वेवर प्रोग्राम (VWP) के कड़े सुरक्षा मानकों को पूरा करता है या नहीं। यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई गंभीर खामी पाई जाती है, तो इजरायली नागरिकों को अमेरिका में मिलने वाली वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा प्रभावित हो सकती है।
फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में क्या हुआ था?
यह पूरा मामला 30 सितंबर को सामने आई फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव जा रहे इस विमान में को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया। उस वक्त विमान में लगभग 180 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी तादाद इजरायली नागरिकों की थी। कैप्टन स्मित मच्छार और कुछ यात्रियों ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया और कथित हमलावर को पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
विदेशी एयरलाइन क्रू की एंट्री पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इजरायल के हवाई अड्डों पर विदेशी एयरलाइन क्रू के प्रवेश और उनकी सुरक्षा जांच की प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इजरायल में उतरने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों के चालक दल की स्क्रीनिंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।
यूएई के बाद इजरायल का दौरा करेगी अमेरिकी टीम
इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आने वाले दिनों में इजरायल पहुंच सकता है। यह टीम फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एविएशन सिक्योरिटी से जुड़े प्रबंधों और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। यूएई का दौरा पूरा करने के बाद यह दल सीधे इजरायल पहुंचेगा और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी आकलन करेगा।
वीजा वेवर प्रोग्राम (VWP) और ईएसटीए (ESTA) की शर्तें
इजरायल को वर्ष 2023 में अमेरिका के वीजा वेवर प्रोग्राम में शामिल किया गया था। इस व्यवस्था के तहत इजरायली नागरिकों को अमेरिका जाने के लिए सामान्य और लंबी वीजा आवेदन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता, बल्कि वे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) के जरिए सीधे अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, VWP का यह दर्जा पूरी तरह से दोनों देशों के बीच तय सुरक्षा मानकों और एविएशन सिक्योरिटी के कड़े नियमों के पालन पर आधारित होता है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि इजरायल इन तय शर्तों पर बरकरार है या नहीं।
