कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर राहुल गांधी की चुप्पी पर भड़के संजय निरुपम
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) ने फ्लाईदुबई फ्लाइट के कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) की बहादुरी, शिवसेना (यूबीटी) के नेता प्रदीप पुर्नेकर की हत्या और विपक्षी एकता के मुद्दे पर बड़े बयान दिए हैं। निरुपम ने दुनिया भर में कैप्टन स्मित मच्छार की हो रही प्रशंसा पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की चुप्पी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया में भारत की जय-जयकार हो रही है, तो ये लोग जलकर राख हो रहे हैं।
‘कैप्टन स्मित ने पूरी दुनिया में नाम रोशन किया, राहुल चुप क्यों?’
फ्लाईदुबई (Flydubai) उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ करते हुए निरुपम ने कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।
उन्होंने बताया, “रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने उनसे सीधे बात की, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी प्रशंसा की। इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी उनकी तारीफ की, क्योंकि उनके देश और समुदाय के लगभग 170 यात्री उस विमान में थे।” निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बात की है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि यदि किसी भारतीय का सम्मान बढ़ता है और पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ता है, तो इनके पेट में दर्द होने लगता है।”
प्रदीप पुर्नेकर हत्याकांड: ‘UBT की राजनीति आपत्तिजनक’
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्नेकर की हत्या पर बोलते हुए निरुपम ने कहा कि इस मामले की जांच ठाणे पुलिस कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाना और कठघरे में खड़ा करना अन्यायपूर्ण है।
निरुपम ने उद्धव गुट पर निशाना साधते हुए कहा, “जिस प्रकार से शिवसेना (यूबीटी) वाले इस हत्याकांड को लेकर राजनीति कर रहे हैं और तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, वह आपत्तिजनक है।” सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस की जांच के बाद भी कुछ बातें अस्पष्ट रहती हैं और परिवार को जांच पर भरोसा नहीं होता, तो परिवार जिस भी संस्था से जांच की मांग करेगा, उसे सक्रिय किया जाएगा।
विपक्षी एकता पर कटाक्ष: ‘आपस में ही लड़ रहे हैं’
संजय निरुपम ने विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों के बीच आपसी टकराव शुरू हो गया है।
निरुपम ने कहा, “जो नया विपक्षी चेहरा बना है, वह आपस में जिस प्रकार लड़ रहा है, वह अत्यंत शर्मनाक और दुखद है।” उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी सहयोगी दलों के नेताओं से मिलने तक नहीं गए। अंत में उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र, संविधान और मानवीयता को बचाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन विपक्ष को भारत का सम्मान रास नहीं आ रहा है।”
