इंटरनेशनल ड्रग माफिया पर भारत का बड़ा एक्शन: फर्जी पहचान से तुर्किये में छिपा था नवप्रीत सिंह, एजेंसियों ने धर दबोचा

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भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। भारतीय एजेंसियों ने एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट के मास्टरमाइंड नवप्रीत सिंह (Navpreet Singh) को तुर्किये (Turkey) से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित (Extradition) करा लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा की है।

फर्जी पहचान और तुर्किये की नागरिकता का खुलासा

गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, नवप्रीत सिंह एक बेहद शातिर अपराधी है जो भारतीय एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए ‘नवाब वीरक’ (Nawab Virk) नाम की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।

  • फर्जी नागरिकता: उसने इसी फर्जी पहचान के आधार पर तुर्किये की नागरिकता भी हासिल कर ली थी।

  • ड्रग्स का काला कारोबार: तुर्किये में सुरक्षित ठिकाना बनाने के बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में भारी मात्रा में हेरोइन और मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) जैसे घातक नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

  • एजेंसियों का एक्शन: भारतीय खुफिया एजेंसियों ने उसकी असली पहचान को डिकोड किया और इंटरपोल व तुर्किये के अधिकारियों के साथ मिलकर उसे वापस भारत लाने में सफलता हासिल की। फिलहाल वह हिरासत में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

2021 से चल रही थी नेटवर्क की जांच

नवप्रीत सिंह उर्फ ‘नव’ का नाम भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच फैले इस विशाल इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क की जांच में पहली बार 2021 में सामने आया था।

  • शुरुआती सुराग: इस मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब 2021 में दक्षिणी दिल्ली से रिजवान कश्मीरी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

  • बड़ी बरामदगी: रिजवान से पूछताछ के आधार पर एजेंसियों ने फरीदाबाद (हरियाणा) में छापे मारकर करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद की थी। जांच के दौरान दो अलग-अलग वाहनों से 166 किलोग्राम और 115 किलोग्राम हेरोइन की भारी खेप पकड़ी गई थी। इस सिंडिकेट के तार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश से लेकर सीधे अफगानिस्तान तक जुड़े थे।

मई 2026 में अजरबैजान से लाया गया था चचेरा भाई

नवप्रीत तुर्किये से इस पूरे सिंडिकेट का सरगना था, जबकि भारत में इस नेटवर्क की कमान उसका चचेरा भाई प्रभारदीप सिंह संभाल रहा था।

  • भारतीय एजेंसियों ने इस साल मई 2026 में प्रभारदीप सिंह को अजरबैजान (Azerbaijan) की राजधानी बाकू से गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पित कराया था।

  • प्रभारदीप को वापस लाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस (Red Notice) भी जारी किया गया था।

नवप्रीत सिंह के भारत लाए जाने के बाद अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कमर टूट गई है और एजेंसियों को उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य सफेदपोश चेहरों से भी जल्द पर्दा उठेगा।