ओमानी पायलट को कैसे मिली इजराइल जाने वाले विमान को उड़ाने की इजाजत?

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यूएई से इजराइल जा रहे ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) के विमान को बुधवार को आसमान में ही हाईजैक और क्रैश करने की कथित कोशिश ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। कॉकपिट में पायलटों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद किसी तरह 180 यात्रियों से भरे इस विमान की सऊदी अरब में सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्रियों की जान बचने से राहत तो है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और एविएशन नियमों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा और अहम सवाल यह उठ रहा है कि ओमान के जिस को-पायलट पर विमान को क्रैश करने की कोशिश का आरोप है, उसे इजराइल जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की इजाजत आखिर कैसे मिल गई? नियमों के मुताबिक, कोई भी ओमानी नागरिक कमर्शियल पायलट के तौर पर इजराइल नहीं जा सकता। ऐसे में जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह किसी बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा था।

कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित था आरोपी पायलट?

इजरायली मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि साथी पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर विमान क्रैश कराने की कोशिश करने वाला आरोपी ओमान का रहने वाला है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित था और उसने महिलाओं से हाथ मिलाने तक से इनकार कर दिया था।

समझौते का सीधा उल्लंघन, कैसे हुआ यह ‘खेल’?

बुधवार को इजराइल आ रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ 1073) यूएई की एयरलाइन है। इजराइल और फ्लाईदुबई के बीच एक सख्त समझौता है। इस समझौते के तहत स्पष्ट नियम है कि इजराइल आने वाले विमानों के पायलट और क्रू मेंबर्स सिर्फ उन्हीं देशों से होने चाहिए, जिनके इजराइल के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध (Diplomatic Relations) हैं।

अरब देशों में यूएई सहित सिर्फ कुछ चुनिंदा देश ही इजराइल को मान्यता देते हैं और ओमान उनमें शामिल नहीं है। ओमान ने अब तक इजराइल को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। ऐसे में समझौते के हिसाब से एक ओमानी पायलट इजराइल जाने वाले विमान के कॉकपिट में कैसे पहुंच गया? फ्लाइट के टेकऑफ से पहले कई स्तरों पर स्टाफ की चेकिंग और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन होता है। ऐसे में यह चूक सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

गहरी जांच में जुटी इजरायली एजेंसियां

इजरायली मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आमतौर पर इजराइल के लिए अमीराती (UAE) पायलट ही उड़ान भरते हैं। किसी ओमानी पायलट का इजराइल के रूट पर ड्यूटी पर होना बिल्कुल भी सामान्य नहीं है। इजरायल की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और ओमानी पायलट को तेल अवीव (Tel Aviv) जाने वाले विमान में ड्यूटी कैसे सौंप दी गई।

क्या हुआ था बुधवार को? 6 अहम बातें:

  1. दुबईफ्लाई की उड़ान FZ 1073 बुधवार को करीब 180 यात्रियों को लेकर यूएई से इजराइल जा रही थी।

  2. उड़ान भरने के कुछ समय बाद, जब विमान जॉर्डन के एयरस्पेस में था, तब विमान से एक इमरजेंसी ‘हाईजैक’ सिग्नल भेजा गया।

  3. सिग्नल मिलते ही इजराइल में हड़कंप मच गया और वायुसेना ने अपने लड़ाकू विमानों को हाई अलर्ट पर कर दिया।

  4. कुछ देर बाद विमान का रूट सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया।

  5. बाद में फ्लाईदुबई की फ्लाइट सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर गई।

  6. लैंडिंग के बाद खुलासा हुआ कि ओमान के एक को-पायलट ने साथी पायलट पर चाकू से हमला कर विमान को जानबूझकर क्रैश करने की साजिश रची थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।