बुढ़ाना विधानसभा सीट: मुस्लिम और जाट बहुल इस सीट पर किसका बजेगा डंका?

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मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना विधानसभा सीट (Budhana Assembly Seat) उत्तर प्रदेश की सियासत में हमेशा से अहम रही है। विधानसभा क्षेत्र संख्या 11 वाली यह सीट मुख्य रूप से मुस्लिम और जाट बहुल मानी जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और समाजवादी पार्टी (SP) के गठबंधन ने यहां परचम लहराया था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव आते-आते सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए। आरएलडी ने सपा का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। आइए समझते हैं कि एसआईआर (SIR) के बाद बदले वोटरों के आंकड़े, 2022 और 2024 के नतीजे और यहां का जातीय गणित 2027 के लिए क्या इशारा कर रहे हैं।

मतदाताओं की संख्या में गिरावट

चुनाव आयोग द्वारा 2026 में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बाद बुढ़ाना विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

  • 2024 के लोकसभा चुनाव के वक्त यहां मतदाताओं की संख्या 3,99,144 थी।

  • एसआईआर के बाद अब इस सीट पर 3,68,588 मतदाता बचे हैं। यानी बुढ़ाना में 30,556 मतदाता घटे हैं।

2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे: जब सपा-RLD ने दी बीजेपी को मात

2022 के विधानसभा चुनाव में बुढ़ाना में जाट बनाम जाट का दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। सपा-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवार राजपाल सिंह बालियान ने बीजेपी के तत्कालीन विधायक उमेश मलिक को 28,309 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया था।

  • RLD-सपा गठबंधन (राजपाल सिंह बालियान): 1,31,092 वोट (विजेता) – 51.28% वोट शेयर

  • बीजेपी (उमेश मलिक): 1,02,783 वोट – 40.21% वोट शेयर

  • बसपा (अनीश): 10,397 वोट

  • AIMIM: 2,633 वोट

  • कांग्रेस: 2,452 वोट

  • आसपा: 2,099 वोट इस चुनाव में बीजेपी और सपा गठबंधन के बीच करीब 11.07 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा। अन्य पार्टियां कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाईं।

2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे: सपा की मजबूत पकड़ और बदले समीकरण

2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ। आरएलडी ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि सपा और कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत साथ आए। बुढ़ाना विधानसभा मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है।

लोकसभा चुनाव 2024 में बुढ़ाना विधानसभा सीट से पार्टियों को मिले वोट:

  • सपा (हरेन्द्र मलिक): 1,16,151 वोट

  • भाजपा (संजीव बालियान): 1,00,075 वोट

  • बसपा (दारा सिंह प्रजापति): 20,288 वोट

2024 में सपा और बीजेपी दोनों ने जाट प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में सपा ने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी पर 16,076 वोटों की बढ़त बनाई।

2024 के नतीजों के सियासी मायने

2022 के मुकाबले 2024 में बुढ़ाना सीट पर बीजेपी के 2,708 वोट कम हुए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि आरएलडी के साथ आने का बहुत ज्यादा फायदा बीजेपी को इस विशेष क्षेत्र में नहीं हुआ, और सपा अकेले चुनाव लड़कर भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रही। इसके अलावा, बीजेपी की अंदरूनी राजनीति के चलते क्षत्रिय वोट बैंक में भी बिखराव देखने को मिला था।

बुढ़ाना विधानसभा का अनुमानित जातीय समीकरण

बुढ़ाना सीट पर हार-जीत का फैसला मुख्य रूप से मुस्लिम, जाट और दलित मतदाता करते हैं, लेकिन ओबीसी और सामान्य वर्ग के वोट भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

  • मुस्लिम: 1.40 लाख

  • जाट: 65 हजार

  • एससी (SC): 50 हजार

  • कश्यप: 25 हजार

  • क्षत्रिय: 20 हजार

  • वैश्य: 16 हजार

  • त्यागी: 15 हजार

  • ब्राह्मण: 14 हजार

  • प्रजापति: 12 हजार

  • सैनी: 10 हजार

  • पाल: 8 हजार

बुढ़ाना में मुस्लिम और जाट मतदाताओं की बड़ी आबादी है। इसके अलावा ओबीसी (कश्यप, सैनी, प्रजापति आदि) का वोट लगभग 70 हजार और सामान्य वर्ग (क्षत्रिय, ब्राह्मण, वैश्य, त्यागी) का वोट लगभग 60 हजार है। आगामी चुनावों में यहां जाट और ओबीसी मतदाताओं का रुख काफी हद तक हार-जीत तय करेगा।