UN में भारत ने पाकिस्तान को कहा ‘फॉर्म 47’ सरकार, जानिए इसका मतलब और इमरान खान का आरोप
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का करारा जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ (Right to Reply) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की बखिया उधेड़ दी।
अपने तीखे भाषण के दौरान पेटल गहलोत ने कश्मीर, आतंकवाद और मानवाधिकारों के मुद्दे पर पाकिस्तान को खरी-खरी तो सुनाई ही, साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार को ‘फॉर्म 47’ (Form 47) सरकार कहकर तंज भी कसा।
भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह शब्द इस्तेमाल किए जाने के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर ‘फॉर्म 47’ क्या है और इसका शहबाज शरीफ सरकार से क्या संबंध है?
क्या है ‘फॉर्म 47’ का विवाद?
‘फॉर्म 47’ का सीधा संबंध फरवरी 2024 में पाकिस्तान में हुए आम चुनावों से है। इन चुनावों में वोटों की भारी हेराफेरी और धांधली के आरोप लगे थे। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने दावा किया था कि चुनाव परिणाम घोषित करने में देरी की गई और नतीजों में जानबूझकर फेरबदल किया गया।
PTI का आरोप था कि ‘फॉर्म 45’ (Form 45) और ‘फॉर्म 47’ (Form 47) के चुनावी आंकड़ों में भारी अंतर था। आरोप लगाया गया कि इमरान खान को सत्ता से दूर रखने और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (N) (PML-N) के नेता नवाज शरीफ व उनके भाई शहबाज शरीफ को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग के दस्तावेजों में हेराफेरी की गई थी।
फॉर्म 45 और फॉर्म 47 में क्या अंतर है?
फॉर्म 45: यह मतदान केंद्रों पर जारी होने वाला वह आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें वास्तविक और सटीक वोटों की संख्या दर्ज होती है। मतदान खत्म होने के बाद पीठासीन अधिकारी इसे जारी करता है।
फॉर्म 47: यह पाकिस्तान चुनाव आयोग का एक आधिकारिक दस्तावेज है। इस फॉर्म के जरिए किसी निर्वाचन क्षेत्र के उन परिणामों को दर्ज किया जाता है, जो पूरी तरह से कन्फर्म (Confirm) नहीं होते।
PTI का आरोप था कि फॉर्म 45 में दर्ज वास्तविक आंकड़ों के अनुसार उनके समर्थित उम्मीदवार जीत रहे थे, लेकिन चुनाव आयोग ने फॉर्म 47 में हेरफेर करके और फर्जी आंकड़े डालकर उन्हें हरा दिया। इसी चुनाव धांधली के आरोपों के बाद से पाकिस्तान का विपक्ष और PTI, शहबाज शरीफ की मौजूदा सरकार को ‘फॉर्म 47’ सरकार या ‘फर्जी सरकार’ कहकर बुलाते हैं।
“सेना की कठपुतली है शहबाज सरकार”
पेटल गहलोत ने UN में इस ‘फॉर्म 47’ विवाद का जिक्र कर पाकिस्तान के लोकतंत्र की पोल खोल दी। उन्होंने शहबाज शरीफ की सरकार को पाकिस्तानी सेना और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के हाथों की कठपुतली बताया।
गहलोत ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में ‘सेना का, सेना के लिए, सेना के द्वारा’ शासन होता है। इसी सेना ने पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बनाया है। ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड लादेन पाकिस्तानी सेना की ट्रेनिंग अकादमी के पास ही एक सुरक्षित घर में छिपा था, जिसे बाद में अमेरिकी सेना ने वहीं घुसकर मारा था।
