8th Pay Commission: ₹45,000 पेंशन और OPS की मांग, जानें पूरा अपडेट

8th Pay Commission Update

8वें वेतन आयोग का काम अब काफी तेज रफ्तार पकड़ चुका है। हर हफ्ते किसी न किसी शहर में आयोग की बैठकें हो रही हैं, जहां कर्मचारियों और पेंशनर्स से सीधे बातचीत करके उनकी परेशानियां और मांगें सुनी जा रही हैं। जैसे-जैसे ये मीटिंग्स आगे बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर, भत्ते और पेंशन को लेकर चर्चाओं में तेजी आ गई है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर उनके हाथ में क्या आएगा।

इन बैठकों में सैलरी रिवीजन और भत्तों के अलावा जो सबसे बड़ा मुद्दा उठ रहा है, वो है पुरानी पेंशन योजना यानी OPS बनाम नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS का मामला। खास बात ये है कि साल 2004 के बाद जो कर्मचारी सरकारी नौकरी में आए, वो और उनके पेंशनभोगी संगठन अब पूरी तरह गारंटीड पेंशन की मांग पर अड़े हुए हैं। तो चलिए, जानते हैं रिटायर्ड कर्मचारी आखिर क्या-क्या चाहते हैं।

पुरानी पेंशन योजना की वापसी की मांग

बात करें अगर 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों की, तो उनके लिए शुरू की गई नई पेंशन योजना से देशभर के कर्मचारी बिल्कुल खुश नहीं हैं। 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए नोट में कर्मचारी यूनियनों ने बड़ी साफगोई से कह दिया है कि जो मौजूदा बाजार-आधारित रिटर्न वाली योजना है, वो उनके और उनके परिवार के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। यही वजह है कि कर्मचारियों की एक ही मांग है की उन्हें दोबारा पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का फायदा मिलना चाहिए। यहां तक कि सर्वे ऑफ इंडिया में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी OPS की पूरी बहाली की मांग उठा दी है।

45,000 रुपये न्यूनतम पेंशन की मांग

अब बात करते हैं पेंशनर्स की, जिनकी आवाज़ भारत पेंशनर्स समाज यानी BPS के जरिए उठ रही है। BPS ने साफ कह दिया है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर हर महीने 45,000 रुपये कर दिया जाए। इसके साथ ही उनकी मांग है कि रिटायरमेंट के वक्त जो आखिरी सैलरी थी, उसका 67 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलना चाहिए। और अगर किसी कर्मचारी का निधन हो जाता है, तो उसके परिवार को मिलने वाली फैमिली पेंशन भी अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत होनी चाहिए। यानी सीधी बात ये है कि पेंशनर्स चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद भी उनकी और उनके परिवार की जिंदगी सम्मान और सुरक्षा के साथ चले, बिना किसी आर्थिक तंगी के।

ये सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं?

अब सवाल ये है कि आखिर इन सारी मांगों पर अमल कब होगा। दरअसल, वेतन आयोग देशभर के अलग-अलग जोनों में जा-जाकर सभी प्रतिनिधियों की बात सुन रहा है। इन बैठकों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, न्यूनतम वेतन में इजाफा करने और पेंशन में बराबरी लाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंप देगा।

रिपोर्ट पेश होने के बाद अगर सरकार इन सिफारिशों को मंजूरी दे देती है, तभी इन्हें लागू किया जाएगा। इसके बाद ही यह साफ होगा कि सरकार पेंशन में तीन गुना बढ़ोतरी करेगी या नहीं और OPS की मांग को मानेगी या नहीं। मतलब, 2027 में आने वाली यही फाइनल रिपोर्ट तय करेगी कि 2004 के बाद नौकरी में आए लाखों कर्मचारियों को आखिरकार पुरानी पेंशन योजना का फायदा मिल पाएगा या नहीं। फिलहाल तो सबकी नजरें बस इसी रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।