BRICS समिट में भारत की संस्कृति: किट में सत्तू, मखाना और कोरापुट कॉफी का जलवा
भारत इस समय नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जहां दुनिया भर के शीर्ष नेता कूटनीति, व्यापार और वैश्विक सहयोग पर गहन चर्चा कर रहे हैं। इस हाई-लेवल डिप्लोमेसी के बीच एक और चीज जो सबका ध्यान खींच रही है, वह है आयोजन को कवर कर रहे देशी-विदेशी पत्रकारों को दी जा रही खास ‘मीडिया किट’। इस मीडिया किट के जरिए भारत अपने खानपान, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक मंच पर पेश कर रहा है।
मीडिया किट में क्या-क्या है खास?
विदेश मंत्रालय (MEA) ने देश के विभिन्न हिस्सों की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को दुनिया के सामने रखने के लिए तीन राज्य सरकारों के साथ साझेदारी कर यह किट तैयार की है।
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बिहार का स्वाद (सत्तू और मखाना): किट में मुख्य रूप से बिहार की पहचान बन चुके सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू नेता संजय कुमार झा ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया है और इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन का आभार जताया।
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ओडिशा की कोरापुट कॉफी: भारत की फूड डायवर्सिटी को दर्शाने के लिए ओडिशा सरकार के सहयोग से मशहूर कोरापुट कॉफी को भी इस किट का हिस्सा बनाया गया है।
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गुजरात की कारीगरी: खाने-पीने के अलावा भारतीय हस्तशिल्प (Handicraft) को प्रदर्शित करने के लिए गुजरात का एक खूबसूरत ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल भी इस वेलकम किट में रखा गया है।
सांस्कृतिक कूटनीति का नया प्रयोग
विदेश मंत्रालय के ओएसडी (पब्लिक रिलेशंस) वासुदेव रवि के अनुसार, यह पहल अंतरराष्ट्रीय प्रेस और मीडिया साथियों को ‘इंडिया स्टोरी’ के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराने का एक बेहतरीन मौका है।
‘संगम’ कला प्रोजेक्ट का जिक्र
सिर्फ मीडिया किट ही नहीं, बल्कि कला के जरिए भी भारत अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूती दे रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘संगम: संस्कृतियों का संगम’ नामक पब्लिक आर्ट प्रोजेक्ट का जिक्र किया, जिसमें 9 देशों के कलाकार शामिल हैं। यह आर्टवर्क भारत की ब्रिक्स 2026 थीम- ‘लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी’ को बखूबी दर्शाता है।
