बीजेपी का बड़ा दांव: 18 सितंबर से शुरू होंगी चार ‘नशा मुक्ति’ यात्राएं
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को घेरने और राज्य में पार्टी के पक्ष में मजबूत माहौल तैयार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। बीजेपी पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ प्रदेश भर में चार अलग-अलग दिशाओं से ‘नशा मुक्ति यात्राएं’ निकालने जा रही है, जो 18 सितंबर से शुरू होकर लगभग दो हफ्तों तक चलेंगी।
चार क्षेत्रों से एक साथ शुरू होंगी यात्राएं
पार्टी ने पूरे राज्य को कवर करने के लिए बेहद रणनीतिक योजना बनाई है, जिसके तहत चार अलग-अलग रूटों से यात्राओं का आगाज होगा:
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उत्तर क्षेत्र: इस यात्रा की शुरुआत पठानकोट के लखनपुर/माधोपुर (सीमावर्ती क्षेत्र) से होगी।
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मालवा क्षेत्र: पंजाब के सबसे बड़े राजनीतिक और भौगोलिक क्षेत्र मालवा में यह यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) से शुरू होगी।
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मध्य क्षेत्र: श्री आनंदपुर साहिब/फतेहगढ़ साहिब क्षेत्र से तीसरी यात्रा को रवाना किया जाएगा।
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सीमावर्ती क्षेत्र: भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फाजिल्का के वीर भूमि स्मारक से चौथी यात्रा शुरू होगी, जो बॉर्डर इलाकों को कवर करेगी।
117 विधानसभा सीटों तक पहुंच और मेगा रैली
सूत्रों के मुताबिक, इन चारों यात्राओं का मुख्य उद्देश्य पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों के हर गांव और कस्बे तक पहुंचना है। अभियान के दौरान बीजेपी के विशेष प्रचार रथ गांवों में घूमकर युवाओं और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
करीब दो सप्ताह तक चलने वाली ये चारों यात्राएं विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए अंत में जालंधर में एक साथ मिलेंगी। इसके बाद जालंधर में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस पूरे अभियान की शुरुआत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा किए जाने की संभावना है, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भी इस नशा विरोधी अभियान से जुड़ने की उम्मीद है। चुनाव से ठीक पहले इस जन-जागरूकता अभियान के जरिए बीजेपी पंजाब की सियासत में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में है।
