September 15, 2026

‘पब्लिसिटी के लिए रील मत बनाओ थंबी…’: एमके स्टालिन का सीएम विजय पर पलटवार

vijai

तमिलनाडु की सियासत में ‘थलापति’ से मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय द्वारा मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (MISA) और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने पर पूर्व सीएम स्टालिन ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर तीखा पलटवार किया। स्टालिन ने विजय को ‘थंबी’ (छोटा भाई) कहकर संबोधित किया और उन पर प्रशासनिक नाकामियों को छिपाने के लिए सोशल मीडिया रील्स और पब्लिसिटी स्टंट का सहारा लेने का आरोप लगाया।

‘सिनेमा की शूटिंग की तरह चला रहे हो प्रशासन’

स्टालिन ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “आपने (सीएम विजय) विधानसभा को ही एक ऐसी जगह बना दिया है, जहां रील्स बनती हैं। हमारे बनाए पुल पर खड़े होकर आप फोटोशूट करते हैं। आप प्रशासन भी बिल्कुल सिनेमा की शूटिंग की तरह चला रहे हैं। अपने बेकार प्रशासन को छिपाने के लिए आप इस तरह की रील्स पोस्ट कर रहे हैं और पूरी पीढ़ी को धोखा दे रहे हैं।”

जबड़े पर हाथ रखने के इशारे पर स्टालिन का जवाब

विवाद की जड़ सीएम विजय का विधानसभा में किया गया एक इशारा था। विजय ने अपने जबड़े पर हाथ रखा था, जिसे 1976 में इमरजेंसी के दौरान जेल में स्टालिन को लगी चोट पर तंज माना गया।

इस पर स्टालिन ने अपना दर्द और डीएमके का संघर्ष याद करते हुए कहा, “इमरजेंसी के दौरान पुलिस ने मुझे बहुत पीटा था। मुझे गंदे कमरे में रखा गया था और बार-बार मारा गया। इसी पिटाई की वजह से मेरा जबड़ा टूटा था। आपने भी अपना हाथ जबड़े के पास रखकर यही इशारा किया ना? यह सही है। आज भी मेरे पास उन हमलों के निशान हैं।”

स्टालिन ने बताया कि इस क्रूरता में उनके साथी और पूर्व मेयर चिट्टी बाबू की जेल में ही मौत हो गई थी, क्योंकि उन्होंने वह मार भी अपने ऊपर ले ली थी जो स्टालिन के लिए थी।

‘अगर शक है, तो मेरा इतिहास पढ़ो’

स्टालिन ने याद दिलाया कि 31 जनवरी 1976 को केंद्र सरकार ने डीएमके सरकार को बर्खास्त कर दिया था और उसी रात पुलिस उन्हें MISA के तहत गिरफ्तार करने करुणानिधि के घर पहुंच गई थी।

विजय को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मेरा जेल जाना डीएमके के वैचारिक इतिहास का हिस्सा है। आप कहते हैं कि आप एक वैचारिक नेता हैं, तो जाकर मेरे संघर्ष का इतिहास पढ़िए। आपको सच समझ आ जाएगा।”

भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी दिया जवाब

सीएम विजय द्वारा सरकारिया कमीशन और ईडी के मामलों का हवाला देकर डीएमके पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को स्टालिन ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कमीशन बनने के बाद से कई सरकारें आईं, अगर आरोपों में दम होता तो कार्रवाई जरूर होती। ईडी के मामलों को उन्होंने सिर्फ ‘राजनीतिक बदला’ करार दिया।

‘याद रखें, आप मुख्यमंत्री हैं’

अंत में स्टालिन ने विजय को नसीहत देते हुए कहा कि विधानसभा को कानून-व्यवस्था, राज्य के अधिकारों और विकास पर फोकस करना चाहिए, फालतू के विवादों पर नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय जब उनसे मिलने आए थे, तो चुनाव प्रचार में की गई बुराई के लिए माफी मांगी थी। स्टालिन ने कहा, “एक मुख्यमंत्री के शब्दों और बॉडी लैंग्वेज में गरिमा होनी चाहिए। यह मत भूलिए कि हम लोगों के लिए रोल मॉडल हैं।”