September 15, 2026

SRCC में पीएम मोदी का ‘जेन-जी’ अवतार: एलुमनाई को बताया ‘OG’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (5 सितंबर) को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। करीब 13 साल बाद इस कॉलेज में वापस लौटे पीएम मोदी का अंदाज इस बार पूरी तरह से युवाओं, खासकर ‘जेन-जी’ (Gen Z) पर केंद्रित रहा। अपने भाषण में उन्होंने पूर्व छात्रों के लिए ‘OG’ (ओरिजिनल गैंगस्टर) जैसे फ्रेंडली शब्दों का इस्तेमाल किया और मशहूर फिल्म ‘धुरंधर’ का भी जिक्र किया।

पूर्व छात्रों को बताया ‘OG’ कॉलेज के ऐतिहासिक सफर की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दरियागंज में एक साधारण शुरुआत से लेकर एक बड़े एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन बनने तक, एसआरसीसी ने कई पीढ़ियों को संवारा है। उन्होंने कहा कि आज भी डीयू में यह कहना कि ‘आप एसआरसीसी से हैं’, अपने आप में बहुत गर्व की बात है।

पूर्व छात्रों (एलुमनाई) के योगदान और उनकी सफलता का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने युवाओं की भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “SRCC के पूर्व छात्र बहुत खास रहे हैं। उन्होंने कॉलेज का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। अगर मैं आपकी भाषा में कहूं, तो यहां के पूर्व छात्र ‘OG’ हैं।” इसी क्रम में उन्होंने पूर्व छात्रों के लिए यह भी कहा, “धुरंधर न हों लेकिन धूम मचाई है।”

युवाओं से जुड़ने की भाजपा की नई रणनीति प्रधानमंत्री के भाषण में इन शब्दों का चुनाव एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हाल ही में जंतर-मंतर पर जेन-जी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार इस युवा वर्ग से जुड़ने और उनकी भाषा में संवाद करने की कोशिश कर रही है।

संसद के हालिया सत्रों में भी भाजपा सांसदों द्वारा ‘FOMO’ (फियर ऑफ मिसिंग आउट/कुछ छूट जाने का डर) और ‘डेलुलु’ (भ्रम में रहने वाला) जैसे इंटरनेट पर प्रचलित शब्दों का इस्तेमाल देखा गया। इसके अलावा, पीएम मोदी खुद भी युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए इंस्टाग्राम-स्टाइल वीडियो फॉर्मेट का अधिक उपयोग कर रहे हैं।

2013 के बहुचर्चित भाषण और ‘फ्रैजाइल फाइव’ का जिक्र अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने एसआरसीसी में दिए गए अपने 2013 के भाषण को भी याद किया। तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर दिए गए उस भाषण ने खासी सुर्खियां बटोरी थीं। मोदी ने कहा कि एसआरसीसी में उनका वह भाषण एक लहर बन गया था और 13-14 साल बाद आज भी उसका असर कायम है।

2013 के भारत की तुलना आज की स्थिति से करते हुए प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उस समय देश किन गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा था। उन्होंने कहा कि तब विकास दर अपने सबसे निचले स्तर पर थी और महंगाई चरम पर थी। आतंकी हमलों, घोटालों और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि काफी खराब थी और देश को दुनिया के ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर 5 देशों) में गिना जाता था।