नेपाल में बाढ़ का महाप्रलय: 1295 लोगों की मौत, 275 भारतीय अब भी लापता
पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 1,295 लोगों की जान जा चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि इस आपदा के बाद से 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं 166 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित होकर नेपाल पहुंच चुके हैं।
विदेश मंत्रालय ने दी रेस्क्यू की ताजा स्थिति विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि नेपाली अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,295 तक पहुंच गई है। प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। राहत और बचाव दलों ने अब तक 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है, जबकि लगभग 5,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जायसवाल ने बताया कि 275 लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए भारत सरकार लगातार नेपाल प्रशासन के संपर्क में है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चीन के तिब्बती इलाके में अब कोई भी भारतीय नागरिक फंसा हुआ नहीं है।
भारत ने भेजे 7 विमान, 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई आपदा की घड़ी में भारत ने नेपाल को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद से भारत अब तक सात विशेष विमानों के जरिए लगभग 95 टन राहत सामग्री काठमांडू भेज चुका है।
राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारत ने 54 विशेषज्ञों की विशेष टीम भी नेपाल में तैनात की है:
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30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट: सुरंगों और दुर्गम रास्तों में फंसे लोगों को निकालने के लिए।
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19 फॉरेंसिक एक्सपर्ट: शवों की पहचान और डीएनए संबंधी प्रक्रियाओं के लिए।
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5 सदस्यीय मेडिकल टीम: घायलों के त्वरित उपचार और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए।
बेली ब्रिज और फॉरेंसिक किट भेजने की तैयारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय टीमें जमीन पर तैनात हैं और नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चला रही हैं। भारत नेपाल की जरूरतों के अनुसार सहायता जारी रखेगा। नेपाल सरकार की मांग पर भारत जल्द ही अतिरिक्त फॉरेंसिक किट, संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज (Bailey Bridges) और अन्य आवश्यक उपकरण भेजने की तैयारी कर रहा है।
