September 15, 2026

7 साल में गाजा से सभी फलस्तीनियों को बाहर खदेड़ने की साजिश

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इस्राइल की दक्षिणपंथी सरकार के मंत्रियों ने फलस्तीनियों के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और विवादित योजना का खुलासा किया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और गहराने की आशंका बढ़ गई है। इस्राइल के तथाकथित सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर (Itamar Ben-Gvir) ने ‘डिसएंगेजमेंट 710’ (Disengagement 710) नामक एक योजना पेश की है, जिसके तहत अगले सात सालों में गाजा पट्टी से सभी फलस्तीनियों को जबरन उनके ही घर से बेदखल कर अन्य देशों में खदेड़ने का कुचक्र रचा गया है।

क्या है ‘डिसएंगेजमेंट 710’ योजना? चरमपंथी नेता इतामार बेन-गवीर ने अपनी ओत्ज़मा येहुदित पार्टी के साथ इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि इसके तहत गाजा के लोगों का सामूहिक विस्थापन किया जाएगा:

  • चरणबद्ध निष्कासन: इस योजना के पहले साल में 2.5 लाख, तीन साल के भीतर 1.11 मिलियन और सात साल के भीतर कुल 1.86 मिलियन (18.6 लाख) गाजावासियों को जबरन बाहर निकालने का लक्ष्य रखा गया है।

  • तथाकथित पैकेज: बेन-गवीर का दावा है कि निकाले जाने वाले लोगों को यात्रा सहायता, शुरुआती आवास और रोजगार प्रशिक्षण जैसे ‘अवशोषण पैकेज’ दिए जाएंगे। इस पूरी जातीय सफाए की परियोजना पर शुरुआती 3 अरब डॉलर और बाद में 15.2 अरब डॉलर खर्च करने का अनुमान है।

  • मंत्री का बयान: बेन-गवीर ने कहा, “अब शांति के छलावे में रहने के बजाय हमें तुरंत देश छोड़ने (प्रवास) की कार्रवाई करनी चाहिए। गाजावासियों के लिए सुरंगें खोदने के बजाय अब अपने सूटकेस पैक करने का समय आ गया है।”

युद्ध मंत्री इस्राइल कात्ज का दावा- ‘ट्रंप की हरी झंडी का इंतजार’ यह बयान इस्राइल के सैन्य मामलों के मंत्री (युद्ध मंत्री) इस्राइल कात्ज के उस दावे के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्राइली हुकूमत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरी झंडी मिलते ही “हर संभव तरीके से” फलस्तीनियों को गाजा से बाहर खदेड़ने के लिए तैयार बैठी है। कात्ज ने दावा किया था कि गाजा के लोगों का सामूहिक निष्कासन ही इस्राइल के लिए “इकलौता समाधान” है।

गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने फरवरी 2025 में गाजा के जबरन विस्थापन की योजना का प्रस्ताव रखा था, जिसे अरब देशों के भारी दबाव के कारण फिलहाल ‘फ्रीज’ कर दिया गया था, लेकिन इस्राइली नेतृत्व इसे फिर से लागू करने की फिराक में है।

गाजा का मानवीय संकट और युद्धविराम का उल्लंघन हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को शुरू किए गए ऑपरेशन के जवाब में इस्राइल ने गाजा पर भीषण नरसंहार युद्ध थोपा था। हालांकि, हमास को पूरी तरह खत्म करने और बंधकों को छुड़ाने के अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहने के बाद, दो साल चले विध्वंस के बाद इस्राइल ने युद्धविराम समझौते को स्वीकार कर लिया था।

इसके बावजूद, इस्राइली फौजें लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रही हैं। पिछले लगभग तीन वर्षों में गाजा में क्रूर हमलों के कारण कम से कम 73,470 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1.74 लाख से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अब इस नए पुनर्वास और निष्कासन प्लान के सामने आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्राइल की मंशा और युद्ध अपराधों पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।