मोदी की बड़ी अपील, ‘विदेश में शादी नहीं, जरूरत पर ही खरीदें सोना’
बिश्केक (किर्गिस्तान): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर देशवासियों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से जारी सेल्फी स्टाइल वीडियो में पीएम मोदी ने ग्लोबल अनिश्चितताओं और युद्ध के माहौल के बीच देश की आर्थिक गति को बनाए रखने के लिए नागरिकों से कुछ खास त्याग करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक बहुत जरूरी न हो, लोग विदेश में घूमने-फिरने और वहां शादियां करने से बचें तथा अनावश्यक रूप से सोना खरीदने से भी परहेज करें।
वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत प्रगति
वर्तमान वैश्विक हालातों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया युद्ध में डूबी हुई है, चारों तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं। विश्व संकटों से घिरा हुआ है और सप्लाई चेन पूरी तरह से ठप है। 2020 में कोविड काल से लेकर अब तक कहीं पर भी स्थिरता नजर नहीं आ रही है। उसके बावजूद भी भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।” उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले मई महीने में भी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष व होर्मुज जलमार्ग में बाधा के मद्देनजर उन्होंने ईंधन बचाने, विदेश यात्राएं घटाने और सोने की खरीद कम करने का आग्रह किया था।
स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
देश की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी आर्थिक रफ्तार को बनाए रखना है और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना बेहद जरूरी है:
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विदेश यात्रा और शादियां: प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों को घूमने-फिरने के लिए विदेश जाने से बचना चाहिए और देश से बाहर जाकर शादियां करने के चलन से परहेज करना चाहिए।
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सोने की खरीद: उन्होंने सलाह दी कि जब तक अत्यधिक आवश्यकता न हो, तब तक सोने की खरीदारी कम से कम की जाए।
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मेक इन इंडिया: नागरिकों को ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपने जीवन में उतारना चाहिए और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने देश के भीतर निराशा फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ जहां निराशा के गर्त में डूबे लोग “झूठ की गूंज” के जरिए चारों तरफ हताशा फैलाने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ तमाम बाधाओं और वैश्विक चुनौतियों को चीरकर भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार GDP ग्रोथ हासिल की है।
विकसित भारत के संकल्प पर दिया बल
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी नीतियों और पुरुषार्थ में कोई कमी न आने दें। उन्होंने कहा कि देश की नीति सही है, नीयत साफ है और 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक शक्ति देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जितना अधिक हम स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर बल देंगे, उतना ही मजबूत ‘विकसित भारत’ हम अपनी आने वाली युवा पीढ़ी को सौंप सकेंगे।
