रात की नींद हो रही है पूरी या नहीं? 6 घंटे से कम सोने वालों में बढ़ सकता है हाई बीपी का खतरा, डॉक्टर ने बताया क्या है कनेक्शन
लखनऊ: रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेना केवल थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक कम नींद लेने का असर रक्तचाप पर भी पड़ सकता है और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ सकता है। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमेय अमोनकर ने एक वीडियो के जरिए बताया है कि नींद की कमी किस तरह शरीर की कार्यप्रणाली और रक्तचाप को प्रभावित कर सकती है।
गहरी नींद में शरीर को मिलता है आराम
डॉ. अमोनकर के अनुसार, जब व्यक्ति गहरी नींद में होता है तो शरीर आराम की स्थिति में चला जाता है। इस दौरान मस्तिष्क की गतिविधियां धीमी होती हैं, हृदय की धड़कन की गति कम होती है और रक्त वाहिकाओं को भी आराम मिलता है। इससे हृदय पर दबाव घटता है और रक्तचाप नीचे आने लगता है।
कम नींद से क्यों बढ़ सकता है रक्तचाप?
रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेने पर शरीर लंबे समय तक सतर्क अवस्था में रह सकता है। इससे तनाव से जुड़े हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। साथ ही हृदय की धड़कन सामान्य से अधिक रह सकती है और शरीर का सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम लगातार सक्रिय रह सकता है। इन बदलावों का असर रक्तचाप पर पड़ता है और लंबे समय में हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ सकता है।
6 घंटे से कम नींद लेने वालों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
डॉ. अमोनकर के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक हो सकता है। उनका कहना है कि शरीर और तंत्रिका तंत्र को पर्याप्त आराम नहीं मिलने पर केवल खान-पान में सुधार करना पर्याप्त नहीं हो सकता। कुछ मामलों में रक्तचाप की दवाओं का असर भी सीमित हो सकता है और सुबह के समय रक्तचाप सामान्य से अधिक पाया जा सकता है।
अच्छी नींद से हृदय को कैसे मिलती है राहत?
पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद शरीर को खुद को ठीक करने और आराम देने का समय देती है। इससे हृदय की धड़कन सामान्य बनाए रखने, रक्त वाहिकाओं को आराम देने और तनाव कम करने में मदद मिलती है। इसका सकारात्मक असर रक्तचाप के नियंत्रण पर भी पड़ सकता है।
डॉ. अमोनकर के अनुसार, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए हर रात 8 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है। हालांकि नींद की जरूरत व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। लगातार रक्तचाप बढ़ा हुआ रहने या नींद से जुड़ी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
