11 साल बाद PM मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा, 700% बढ़ा निवेश
नई दिल्ली : भारत मध्य एशिया में अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक पैठ को और मजबूत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (29 अगस्त) से उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय अहम दौरे पर रहेंगे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रहे इस दौरे में दोनों देशों के बीच भविष्य के वैश्विक समीकरणों और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी जाएगी। उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत के मुताबिक, यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक बहुत मजबूत नींव रखेगा। उज्बेकिस्तान के साथ-साथ प्रधानमंत्री किर्गिस्तान की भी यात्रा करेंगे।
11 साल बाद दौरा, प्रतिनिधिमंडल स्तर की होगी वार्ता
राजदूत स्मिता पंत ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री का यह आगामी दौरा भविष्य की दिशा तय करेगा। लगभग 11 साल के अंतराल के बाद हो रही इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। इस दौरान दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्रों में पुराने सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे का एजेंडा तय करेंगे।
इन अहम मुद्दों पर होगी द्विपक्षीय चर्चा
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत का एजेंडा बेहद व्यापक और बहुआयामी रखा गया है। भारतीय राजनयिक के अनुसार, इस दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की जाएगी:
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व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी
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महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और दुर्लभ मृदा (Rare Earths)
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रक्षा और सुरक्षा मामले
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स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग
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विकास और सांस्कृतिक सहयोग
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संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर साझा रणनीति
2015 के बाद व्यापार और निवेश में भारी उछाल
भारत और उज्बेकिस्तान के आर्थिक संबंधों में पिछले एक दशक में तेजी से विकास हुआ है। स्मिता पंत ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने पिछली बार 2015 में उज्बेकिस्तान का दौरा किया था। तब से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच व्यापार में 300 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा, निवेश के मोर्चे पर 700 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
