August 24, 2026

उत्तराखंड में 25 अगस्त तक नहीं थमेगी बारिश की आफत, आज 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अब तक 289 मौतें

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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का बिगड़ा मिजाज फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है। मौसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। सोमवार को छह जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इस बीच प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों ने प्रदेश में इस साल बड़ी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक जनवरी से अब तक सड़क हादसों और प्राकृतिक आपदाओं में कुल 289 लोगों की जान जा चुकी है। बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

इन छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

पर्वतीय इलाकों में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर बारिश के तेज दौर की आशंका जताई गई है। वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी बिजली चमकने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में नैनीताल में सबसे अधिक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चौबटिया में 31 मिलीमीटर और थलीसैंण में 24.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। देहरादून में अधिकतम तापमान 31.2 और न्यूनतम 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

सड़क हादसों में 246 लोगों की मौत

उत्तराखंड में इस साल सड़क हादसे भी बड़ी चिंता बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी से अब तक हुए सड़क हादसों में 246 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 878 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नौ लोग अब भी लापता बताए गए हैं।

सबसे अधिक हादसे और मौतें टिहरी, देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जैसे जिलों में दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में सड़क हादसों में रोजाना एक से अधिक व्यक्ति की जान जा रही है।

प्राकृतिक आपदाओं ने भी मचाई भारी तबाही

एक अप्रैल से अब तक प्राकृतिक आपदाओं में 43 लोगों की मौत हुई है और 46 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति अभी भी लापता है। इन आंकड़ों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के 10 मामले भी शामिल हैं।

आपदा से सिर्फ जनहानि ही नहीं हुई है, बल्कि पशुधन और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक 826 पशुओं की मौत हुई है, जबकि 1200 से अधिक मकान आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

दून-मसूरी मार्ग पर भूस्खलन से बढ़ा खतरा

भारी बारिश के बीच देहरादून-मसूरी मार्ग पर भी खतरा बढ़ गया है। शनिवार देर रात मैगी प्वाइंट के पास पहाड़ी दरकने से मलबा सड़क पर आ गया। मलबे के साथ पेड़ और बोल्डर भी सड़क किनारे गिरे, हालांकि मार्ग पूरी तरह बंद होने से बच गया।

पिछले साल की प्राकृतिक आपदा के बाद से बरसात के मौसम में इस मार्ग पर खतरा और बढ़ गया है। कई जगह सड़क में दरारें आ चुकी हैं और कुछ हिस्सों में सड़क धीरे-धीरे धंस रही है। ग्लोगी के बाद हनुमान मंदिर के पास और पानी वाला बैंड क्षेत्र में भी पुश्ते गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।

भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा देखते हुए फिलहाल मार्ग पर छोटे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से मसूरी भेजा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग मार्ग को सुचारु रखने के लिए लगातार काम कर रहा है।

नैनीताल में मूसलाधार बारिश से उफने नाले

नैनीताल में रविवार दोपहर करीब दो बजे के बाद तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग दो घंटे तक जारी रही। मूसलाधार बारिश के कारण शहर के सभी प्रमुख नाले उफान पर आ गए। झील का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

खराब मौसम के चलते जिले के 13 ग्रामीण मार्ग बाधित रहे। इनमें नैनीताल खंड का दरमोली-पिठोली मार्ग, पटोड़ी-जोशीखोला-हल्दियानी-बेतालघाट मोटर मार्ग, मंगोली-थापला मोटर मार्ग और देवपुरा-सौड़ मोटर मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की ओर से काम किया जा रहा है।

झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा के अनुसार, झील का जलस्तर 87 फीट 8 इंच दर्ज किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर झील के दोनों गेट नौ-नौ इंच खोले गए। नैनीताल में न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।

हल्द्वानी में बारिश से उमस से मिली राहत

हल्द्वानी में रविवार सुबह धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। करीब 2:55 बजे तेज बारिश शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक रिमझिम बारिश होती रही। बारिश के बाद उमस कम हुई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

25 अगस्त तक कुमाऊं में येलो अलर्ट

पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एएस नैन के मुताबिक, 25 अगस्त तक कुमाऊं के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क बाधित होने की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।