‘हम तो सियासत की लैला हैं…’, यूपी में ओवैसी की एंट्री; सपा से गठबंधन और मुस्लिम लीडरशिप पर किया बड़ा दावा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात अभी से बिछने लगी है। इस चुनावी माहौल के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ओवैसी ने यूपी में गठबंधन की संभावनाओं, सपा के साथ तालमेल और राज्य की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपना रुख साफ करते हुए अन्य राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ा दी है।
‘मुसलमानों की लीडरशिप पनपने नहीं दी जाती’
‘मिशन यूपी’ को लेकर ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय है और संगठन मजबूत है। उनके मुताबिक, एआईएमआईएम की जमीनी लीडरशिप सीधे जनता के साथ जुड़ी हुई है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर बिरादरी की अपनी लीडरशिप है, लेकिन सिर्फ मुसलमानों की कोई लीडरशिप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई मुसलमानों की लीडरशिप को पनपने ही नहीं देता। इसके साथ ही उन्होंने भारत में जम्हूरियत (लोकतंत्र) की अहमियत पर जोर दिया।
सपा से गठबंधन पर दिया जवाब, बिहार का किया जिक्र
यूपी में गठबंधन को लेकर ओवैसी ने कहा कि 10-12 दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी। समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, “हमने कहा है कि आप मिलकर लड़िए तो हम बीजेपी को तीसरी बार रोक पाएंगे।”
इस दौरान उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने बताया कि उन्होंने बिहार में भी राजद से यही बात कही थी और 6 सीटों की मांग करते हुए पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। ओवैसी ने दोटूक कहा, “आपकी पार्टी आप चलाइए, हमारी पार्टी हम चलाएंगे।”
‘एक खास समुदाय को किया जा रहा टारगेट’
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और मुसलमानों की स्थिति पर एआईएमआईएम प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में एक मस्जिद को शहीद कर दिया गया और 100 साल पुराने कब्रिस्तान पर भी कार्रवाई की गई।
ओवैसी ने दावा किया कि प्रदेश में झूठे एनकाउंटर में लोगों को मारा जा रहा है। उन्होंने लखनऊ में परवेज नाम के शख्स की कथित मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए कहा कि एक खास समुदाय को लगातार टारगेट किया जा रहा है और यह मौजूदा समय का सबसे बड़ा मुद्दा है।
‘हम भारतीय राजनीति की लैला हैं’
राजनीतिक समीकरणों पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि जब सपा की बात होती है तो ‘Y’ महत्वपूर्ण हो जाता है, जबकि बीजेपी में सिर्फ ‘T’ की ही अहमियत है। ‘आई लव मोहम्मद’ के नारे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमारे फेथ (आस्था) का हिस्सा है। चुनाव में महिला वोटरों की भूमिका पर ओवैसी ने कहा कि वे चुनाव लड़ेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें सभी का साथ चाहिए। अपनी पार्टी की राजनीतिक अहमियत को लेकर उन्होंने दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कहा, “भारतीय राजनीति की हम तो लैला हैं, हमें सब चाहते हैं।”
