राम मंदिर ‘चंदा चोरी’ पर कांग्रेस का बड़ा आरोप: जयराम रमेश ने पूछा- करोड़ों की भीड़ के बावजूद सिर्फ 82 करोड़ का चढ़ावा कैसे?
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा और चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स (X) पर पोस्ट कर इसे ‘महापाप’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोगों की निगरानी में भगवान को समर्पित धन की चोरी हुई है और अब बड़े चोरों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पीएम मोदी पर ‘महापापियों’ को बचाने का आरोप
जयराम रमेश ने मंदिर के ट्रस्टियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पीएम मोदी ने बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के विश्व हिंदू परिषद (VHP) और आरएसएस से जुड़े लोगों को खुद ट्रस्टी चुना था। रमेश ने आरोप लगाया, “अब जब यह साबित हो चुका है कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला घृणित पाप हुआ है, तो राम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहने वाले प्रधानमंत्री मौन क्यों हैं? वे इन महापापियों को बचाने का कुत्सित प्रयास क्यों कर रहे हैं?”
करोड़ों श्रद्धालु और चढ़ावे के आंकड़ों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछते हुए मंदिर में आए दान और श्रद्धालुओं की संख्या के बीच विसंगति का दावा किया। उनके मुताबिक:
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निधि समर्पण अभियान (2021) में कॉर्पस दान और निधि समर्पण मिलाकर कुल ₹3,264 करोड़ जमा हुए थे।
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साल 2024 के 9 महीनों में 13.55 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे।
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2025 में महाकुंभ के दौरान लगभग 10 करोड़ अतिरिक्त श्रद्धालु अयोध्या आए।
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1 अप्रैल 2025 से 28 फ़रवरी 2026 के बीच 16 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का आंकड़ा दिया गया।
जयराम रमेश ने सवाल किया कि 16 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद कुल चढ़ावा मात्र ₹82.78 करोड़ ही कैसे बताया गया? उनके अनुसार, प्रति व्यक्ति औसतन 5 रुपये का चढ़ावा इतनी बड़ी संख्या के सामने बेहद संदिग्ध है।
‘नृपेंद्र मिश्र ने माना यह डाका है’
अपने पोस्ट में रमेश ने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नृपेंद्र मिश्र ने भी यह माना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि एक ‘डाका’ है। इन आरोपों के आधार पर जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे इस पूरे मामले की व्यापक जांच कराने के बजाय चोरों के पाप पर पर्दा क्यों डाल रहे हैं।
