दिल्ली में मोदी कैबिनेट का चिंतन शिविर, मंत्रियों की ग्रेडिंग से तय होगा कैबिनेट फेरबदल!
नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में केंद्र सरकार के मंत्रियों का एक अहम ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए इस शिविर में सभी कैबिनेट मंत्रियों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई और प्रत्येक मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन देखा गया। शिविर के पहले दिन ‘विकसित भारत 2047’ का विजन पेश करने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और सरकारी योजनाओं को आम जनता तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के उपायों पर गहन चर्चा हुई।
मंत्रियों के कामकाज के इस विस्तृत मूल्यांकन के बाद सियासी गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही अपनी कैबिनेट में फेरबदल या विस्तार कर सकते हैं।
4 कैटेगरी में बंटी ग्रेडिंग: ‘ग्रीन’ और ‘रेड’ जोन तय
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चिंतन शिविर में मंत्रियों के कामकाज का रिव्यू कर उन्हें 4 श्रेणियों में ग्रेडिंग दी गई है:
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ग्रीन जोन (सुरक्षित): जिन मंत्रियों को ‘एक्सीलेंट’ (Excellent) और ‘गुड’ (Good) ग्रेडिंग मिली है, वे ग्रीन जोन में रहेंगे और उनके पद पर कोई खतरा नहीं माना जा रहा है।
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रेड जोन (जोखिम): जिन्हें ‘एवरेज’ (Average) और ‘पुअर’ (Poor) ग्रेडिंग मिली है, वे रेड जोन में आ गए हैं।
माना जा रहा है कि मंत्रियों का यह रिपोर्ट कार्ड और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग ही आगामी कैबिनेट फेरबदल का मुख्य आधार बनेगी। यानी कैबिनेट में केवल उन्हीं चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो 2047 के ‘विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने में पूरी तरह सक्षम साबित होंगे।
4 घंटे तक चला संवाद, ग्रुप बनाकर हुई चर्चा
करीब चार घंटे तक चले इस चिंतन शिविर में सबसे पहले सभी कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने खुद प्रत्येक ग्रुप के पास जाकर मंत्रियों से व्यक्तिगत संवाद किया और उनके कामकाज का ब्योरा लिया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के सामने प्रमुख सवाल रखे:
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शासन व्यवस्था को आम जनता के लिए और अधिक सरल कैसे बनाया जाए?
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देश के आर्थिक विकास को किस तरह नई गति दी जाए?
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केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ युवाओं और महिलाओं तक पारदर्शी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए?
व्यक्तिगत संवाद के बाद सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने अपने अब तक के कामकाज और भविष्य के रोडमैप पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी, जिस पर प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रियों से सीधे सवाल-जवाब किए।
4 प्रमुख विषयों पर हुआ मंथन
चिंतन शिविर के दौरान मंत्रालयों ने विशेष रूप से चार अहम विषयों पर अपनी प्रेजेंटेशन दी:
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Gen-Z (नई पीढ़ी से जुड़ाव): देश की युवा पीढ़ी (Gen-Z) के साथ तालमेल बिठाने को लेकर मंत्रालयों से पूछा गया कि उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, उनके साथ कितनी बैठकें हुईं और नई पीढ़ी के बीच सरकार व पार्टी को लेकर क्या रुख है।
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UGC और शिक्षा नीति: यूजीसी से जुड़े मसलों पर युवा क्या सोचते हैं और इसे लेकर भविष्य का क्या प्लान है, इस पर भी रिपोर्ट मांगी गई।
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महिला आरक्षण विधेयक: संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, जिसे सरकार अप्रैल के संसद सत्र में पारित नहीं करा सकी थी, उस पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से सुझाव मांगे कि इस विधेयक को आगामी सत्रों में कैसे सफलतापूर्वक पास कराया जा सकता है।
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युवा और रोजगार: युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास को गति देने पर भी मंत्रियों के साथ विस्तृत सवाल-जवाब हुए।
